वाराणसी : गुरुकुल छात्रा स्वर्णा निगम ने बढ़ाया काशी का मान, 5,555 अलग-अलग 'ॐ' बनाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी के तुलसीपुर महमूरगंज स्थित पाणिनि कन्या महाविद्यालय की कक्षा 10वीं की छात्रा कुमारी स्वर्णा निगम ने कला और आध्यात्मिक क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कुमारी स्वर्णा ने 5,555 अलग-अलग प्रकार के 'ॐ' (ओंकार) की विशिष्ट पेंटिंग्स बनाकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस अद्वितीय कला-साधना को 'यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड' में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है।
यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय, बल्कि पूरी काशी और देश के लिए गौरव का विषय है। गुरुवार को पाणिनि कन्या महाविद्यालय परिसर में भव्य प्रदर्शनी एवं विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण और गरिमामय वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में वाराणसी संसदीय कार्यालय के समन्वयक शिव शरण पाठक, विश्व वैदिक न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह, वरिष्ठ पर्यावरणविद् अनिल कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली छात्रा स्वर्णा निगम ने बताया, "एक वर्ष की कठिन साधना महाशिवरात्रि से पहले पूर्ण हुई। कई बार ऐसा लगता था कि मैं इसे पूरा नहीं कर पाऊँगी, लेकिन एक अलग ऊर्जा ने मुझे निरंतर सहयोग दिया। वेद और संस्कृत अध्ययन के साथ मन में 'ॐ' को लेकर जो शक्ति संचार हुई, वह आजीवन मुझे आगे बढ़ाएगी। मैं चाहती हूँ कि सनातन धर्म-संस्कृति में 'ॐ' की महत्ता जन-जन तक पहुँचे।" पाँच बार अलग-अलग क्षेत्रों में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा चुके डॉ. जगदीश पिल्लई ने बताया कि स्वर्णा से उनकी लगभग डेढ़ वर्ष पहले मुलाकात हुई थी। उनमें सनातन धर्म और संस्कृति के प्रति कुछ अलग करने की प्रबल इच्छा थी।
मैंने उन्हें सुझाव दिया कि वे साढ़े तीन से दो इंच के कोर्ड पर अलग-अलग रंगों से 'ॐ' लिखना शुरू करें, जिसमें कोई भी 'ॐ' एक-दूसरे जैसा न दिखे। स्वर्णा निगम ने एक साल की कड़ी मेहनत के बाद 5,555 'ॐ' लिख दिए। ये सभी पेंटिंग्स एक-दूसरे से पूरी तरह भिन्न हैं। इन 5,555 'ॐ' चित्रों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक चित्र आकार, रंग-संयोजन, रेखा-विन्यास और भाव में पूर्णतः अलग है। यह कृति कलाकार की आध्यात्मिक चेतना तथा सनातन परंपरा के मूल तत्व 'ॐ' की सार्वभौमिक ऊर्जा को सजीव रूप में प्रस्तुत करती है।
मुख्य अतिथि विश्व भूषण मिश्र ने छात्रा को आशीर्वाद देते हुए कहा, "5,555 अलग-अलग 'ॐ' की कला-कृतियों का सृजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाना अत्यंत दुर्लभ और अकल्पनीय कार्य है। यह काशी के लिए शुभ और पुण्य क्षण है।" उन्होंने कुमारी स्वर्णा को हार्दिक बधाई दी। महाविद्यालय की आचार्या नंदिता शास्त्री ने कहा, "गुरुकुल की शिक्षा पद्धति में संस्कृत, वेद अध्ययन के साथ कला और सृजनात्मकता को विशेष महत्व दिया जाता है। कुमारी स्वर्णा की यह उपलब्धि संस्कार-आधारित आधुनिक शिक्षा का सशक्त उदाहरण है।"
