UP Budget : विधान परिषद में गूंजा अतिक्रमण और जाम का मुद्दा, भाजपा एमएलसी ने सरकार से की कार्रवाई की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने बुधवार को नियम 110 के अंतर्गत शहरों में बढ़ते अतिक्रमण और यातायात जाम की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे लोक महत्व का आविलंबनीय विषय बताते हुए सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की। सभापति ने विषय को गंभीर मानते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देशों के साथ सरकार को भेज दिया।
सदन में कहा गया कि सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में तेजी से शहरी विकास हो रहा है और स्वच्छता रैंकिंग में भी कई जनपदों ने स्थान बनाया है। हालांकि बढ़ते शहरीकरण के साथ अतिक्रमण की समस्या भी विकराल होती जा रही है, जिससे शहरों में जाम की स्थिति आम हो गई है। इससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सदस्य ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शहरों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए मॉडल वेंडिंग जोन बनाने के निर्देश दिए गए हैं और कुछ स्थानों पर काम भी हुआ है, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। इसके लिए स्थानीय निकायों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया। गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, अलीगढ़ और मेरठ सहित अधिकांश नगर निगमों के प्रमुख चौराहों पर अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है।
राजधानी लखनऊ में भी विभूति खंड क्षेत्र को छोड़कर अन्य इलाकों में स्थिति चिंताजनक बताई गई। प्रदेश में नगर निगम अधिनियम के तहत गठित टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की नियमित बैठकें नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। बताया गया कि लखनऊ नगर निगम में लगभग दस महीनों से टीवीसी की बैठक नहीं हुई है, जबकि नियमों के अनुसार हर माह बैठक होना अनिवार्य है।
इस समिति में पार्षदों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों, बड़े प्रतिष्ठानों, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, विद्युत विभाग, आवास विकास और डूडा के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। सदन में मांग की गई कि टाउन वेंडिंग कमेटियों को सक्रिय कर नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएं, ताकि शहरों को अतिक्रमण से मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके और नागरिकों को राहत मिल सके।
