गोंडा : 1.30 लाख रुपये की वसूली में चौकी प्रभारी समेत दो सब इंस्पेक्टर निलंबित, आईजी ने की कार्रवाई

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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हेल्पलाइन की शिकायत बनी फंदा, आईजी ने की कार्रवाई

गोंडा, अमृत विचार। एफआईआर और दबिश के नाम पर 1.30 लाख रुपये की वसूली करना श्रावस्ती जिले के दो पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया है। देवीपाटन परिक्षेत्र की भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर दर्ज दो अलग-अलग शिकायतों में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस महानिरीक्षक ने सख्त कार्रवाई करते हुए श्रावस्ती जिले के जेल चौकी प्रभारी समेत 2 उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश भी जारी किया गया है। आईजी अमित पाठक की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।

शिकायतकर्ता राजेन्द्र वर्मा निवासी ग्राम छोटा गुलौरा, थाना नानपारा, जनपद बहराइच ने परिक्षेत्र की हेल्पलाइन नम्बर-8467919487 पर शिकायत दर्ज करायी कि दिनांक 20 जून 2025 की रात लगभग 1 बजे थाना हरदत्तनगर गिरण्ट, जनपद श्रावस्ती के उपनिरीक्षक अंकुर वर्मा अन्य 8-10 पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे और दबिश देकर उन्हें थाने ले गये। आरोप है कि पूछताछ के बाद सुबह करीब 4 बजे छोड़ने के एवज में स्थानीय चर्चित दलाल के माध्यम से 1 लाख 30 हजार रुपये वसूले गये।

एक अन्य मामले में फूलमती पत्नी जगतराम कुमार, निवासी ग्राम हल्लाजोत, थाना भिनगा, जनपद श्रावस्ती ने शिकायत की कि पड़ोसी से विवाद के मामले में मुकदमा दर्ज कराने व विपक्षी पर कार्रवाई के लिए दलाल के जरिये प्रभारी जेल चौकी भिनगा एसएन यादव द्वारा 2000 रुपये लिये गये, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गयी। दोनों शिकायतों पर पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र अमित पाठक के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधी सेल द्वारा गोपनीय जांच करायी गयी।

जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच जनपद श्रावस्ती से कराई गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। दोषी पाए जाने पर उपनिरीक्षक अंकुर वर्मा, थाना हरदत्तनगर गिरण्ट तथा उपनिरीक्षक एस.एन. यादव, प्रभारी जेल चौकी भिनगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

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