बाराबंकी : सड़क की गुणवत्ता पर सवाल, मरम्मत की मांग
रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत विकास खंड बनीकोडर में बनी सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भिटरिया-हैदरगढ़ मार्ग से वजीउद्दीनपुर तक लगभग एक किलोमीटर लंबी संपर्क सड़क कुछ ही वर्षों में पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जबकि यह सड़क अभी अनुरक्षण अवधि में है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और सड़क की मरम्मत की मांग की है। जानकारी के अनुसार इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2021 में कराया गया था और 18 जनवरी 2021 को कार्य पूर्ण दर्शाया गया। नियमों के तहत सड़क की अनुरक्षण अवधि 10 जनवरी 2022 से 18 जनवरी 2027 तक निर्धारित है, जिसमें मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है।

बावजूद इसके सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है। कई स्थानों पर डामर की परत उखड़ गई है और सड़क गिट्टियों में तब्दील हो चुकी है। सड़क निर्माण पर करीब 9.05 लाख रुपये खर्च किए गए थे, जबकि सामान्य अनुरक्षण के लिए 6.99 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
बड़े-बड़े गड्ढे और टूटी सतह घटिया निर्माण व लापरवाह अनुरक्षण की पोल खोल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा है, जिस पर रोजाना सैकड़ों लोग, स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, महिलाएं और बुजुर्ग आवागमन करते हैं। जर्जर सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
