यूपी में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: विधानसभा का घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म किए जाने और सरकार के कथित कुशासन के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विधान भवन के घेराव की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष मनीष हिंदवी ने बताया 'मनरेगा बचाओ अभियान' के तहत और भाजपा के कुशासन के खिलाफ विधान भवन का घेराव कर प्रदर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर से निकले लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
कार्यकर्ताओं ने जब आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने उन पर बलप्रयोग किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस प्रदर्शन कर रहे तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन ले गयी है। हिंदवी ने बताया कि प्रदर्शन में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश इकाई के प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, सांसद किशोरी लाल शर्मा, कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, विधायक वीरेंद्र चौधरी सहित वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
उन्होंने बताया कि बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया को इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए निकलने से पहले ही उनके घर में नजरबंद कर दिया गया। इसके अलावा रायबरेली, अमेठी तथा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कांग्रेस नेताओं को इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लखनऊ आने से रोके जाने की खबरें हैं।
हिंदवी ने बताया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार मनरेगा को खत्म कर सिर्फ उद्योगपतियों के लिये ही काम कर रही है और उत्तर प्रदेश सरकार में कुशासन चरम पर है। उत्तर प्रदेश विधानमंडल में इस वक्त बजट सत्र जारी है। कांग्रेस के विधानभवन के घेराव कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से ही खासा सतर्क था।
