आराधना मिश्रा बोलीं- बजट में निवेश बढ़ाने और स्थायी रोजगार के प्रावधान हों
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को पेश किए जाने वाले आम बजट को लेकर कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने योगी आदित्यनाथ सरकार से युवाओं, किसानों और महिलाओं के हित में ठोस और प्रभावी प्रावधान किए जाने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि बजट में लोककल्याणकारी नीतियों को प्राथमिकता देते हुए स्थायी रोजगार, किसान कल्याण और निवेश बढ़ाने की स्पष्ट योजना होनी चाहिए।
बजट से एक दिन पहले प्रतिक्रिया देते हुए आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि प्रदेश के नौजवान आज रोजगार संकट से जूझ रहे हैं। सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में स्थायी पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भरने के बजाय आउटसोर्सिंग के माध्यम से न्यूनतम मानदेय पर लोगों को काम पर रख रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में 10 से 15 हजार रुपये के मानदेय में न तो व्यक्ति का गुजारा संभव है और न ही वह अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकता है।
बजट में स्थायी नौकरियों की भर्ती और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का प्रावधान होना चाहिए। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के बजट में मुफ्त बिजली का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। वर्ष 2017 के कर्ज माफी के वादे को भी सरकार ने केवल आंशिक रूप से निभाकर समाप्त मान लिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि बजट में किसानों के लिए निरंतर कर्ज माफी की योजना, सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली और खाद-बीज व यूरिया की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के ठोस प्रावधान किए जाएं, ताकि किसानों को हर साल खाद के लिए लाइनों में न लगना पड़े। आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए सरकार की ईमानदार नियत और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केवल इन्वेस्टर्स मीट कराकर लाखों करोड़ के एमओयू साइन कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि उन समझौतों को धरातल पर उतारा जाए। निवेश योजनाएं इवेंट तक सीमित न रहकर रोजगार और विकास के स्थायी अवसर पैदा करें।
महिलाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बजट में ऐसे प्रावधान होने चाहिए जिससे महिलाएं केवल लाभार्थी बनकर न रह जाएं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में ठोस योजनाएं लागू हों। कांग्रेस ने सरकार से अपेक्षा जताई है कि कल का बजट प्रदेश की जनता, खासकर युवाओं, किसानों और महिलाओं की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया जाएगा।
