फर्रुखाबाद : कृमि नाशक दवा खाने से 54 छात्र बीमार, जिला प्रशासन में मचा हड़कंप
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद जिले के जहानगंज थाना क्षेत्र स्थित एक विद्यालय में पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाए जाने के बाद 54 छात्र अचानक बीमार हो गए। घटना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार जहानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम मोहिद्दीनपुर स्थित जवाहरलाल प्रेम देवी जूनियर हाई स्कूल में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि दिवस के तहत छात्रों को ऐल्बेंडाजोल की गोलियां दी गईं।
दवा खाने के कुछ ही देर बाद 54 छात्रों को चक्कर आना, उल्टी और सिर दर्द की शिकायत होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर सभी बच्चों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी अवनीद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद तथा थाना प्रभारी जहानगंज सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल लिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार सभी बच्चों की हालत अब स्थिर है और उपचार के बाद वे पूर्णतः स्वस्थ हैं। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। सं प्रदीप
राष्ट्रीय कृमि दिवस पर ऐल्बेंडाजोल खाने के बाद 30 बच्चे बीमार
मैनपुरी: राष्ट्रीय कृमि दिवस के अवसर पर मंगलवार को मैनपुरी जिले के विभिन्न स्कूलों में बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा ऐल्बेंडाजोल खिलाई गई। इसी क्रम में मैनपुरी विकास खंड के नगला कीरत स्थित कंपोजिट विद्यालय में दवा सेवन के बाद करीब 30 बच्चे बीमार हो गए। दोपहर लगभग एक बजे विद्यालय में बच्चों को ऐल्बेंडाजोल की गोली दी गई। कुछ ही देर बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और आक्रोशित हो उठे। इस दौरान कुछ अभिभावकों ने शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता भी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला। बीमार बच्चों को एंबुलेंस एवं निजी वाहनों से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। विद्यालय में 300 से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती बच्चों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है। जिलाधिकारी ने बताया कि बच्चों के पेट दर्द और उल्टी की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी को अस्पताल पहुंचाया। बच्चों के बीमार होने के कारणों की जांच कराई जा रही है।
