लखनऊ की सड़कें अब होंगी कला की गैलरी! एलडीए थीम आधारित स्कल्पचर से सजा रहा शहर के प्रमुख चौराहे
एलडीए ने 5 कालीदास चौराहे के पास बनाया सरस्वती जी का बीणा व किताब का स्कल्पचर
लखनऊ, अमृत विचार : शहर के प्रमुख चौराहे, पार्क और प्रवेश द्वार शिक्षा और संस्कृति का संदेश देंगे। शहर के प्रमुख 14 स्थलों पर मां सरस्वती की वीणा के अलावा, चक्र, पुस्तकों, पढ़ाई करते और खेलते बच्चों की कृतियां लगाई जाएंगी। इसकी शुरुआत कालीदास चाैराहे से कर दी गई है। यहां सरस्वती जी की वीणा और पुस्तक की कृति लगाई जा रही है।
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एलडीए ने 5 कालीदास चौराहे के पास पहले से रखे मोर के मॉडल हटाकर फाइबर से बनी सरस्वती की वीणा और पुस्तक की कृति रखी है। वहां टाइल्स, लाइटिंग और पौधों से सजावट का कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा ग्रीन कॉरिडोर के फेज-2 में निशातगंज पर निर्मित रोटरी पर चक्र की कृति लगाई गई है। ग्रीन कॉरिडोर पर सूरज कुंड पार्क चौराहे पर तीन किताबें और पेन, मार्डन आर्ट आधारित कृतियां लगेंगी। गोमती नगर के सीएमएस चौराहे पर चार बच्चों की पढ़ाई करते और खेलते हुए कृति दिखेगी। जनेश्वर मिश्र पार्क के अंदर प्ले गाउंड पर बच्चों के लिए 12 फीट का टेडीवियर और बालू अड्डा स्थित रविदास चौराहे पर मार्डन आर्ट से हाथ में गिटार नजर आएगा। गौरीगंज चौराहे पर भी कई बच्चों की बढ़ते व खेलते हुए कृति दिखाई देगी। वाल पेंटिंग आदि कार्य कर दिए हैं। इसके अलावा गोमती रिवर फ्रंट, कुकरैल रोटरी मार्डन आर्ट से सजाई जाएगी। दो सप्ताह में यह कार्य पूर्ण हो जाएगा।
