RML में बनेगा 510 बेड का रैन बसेरा... राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया भूमि पूजन

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Published By Muskan Dixit
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24.86 करोड़ से बनने वाले रैन बसेरा में रसोई, डायनिंग हॉल, लॉन्ड्री भी होगी

लखनऊ, अमृत विचार : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के शहीद पथ स्थित राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में 510 बेड की क्षमता का अत्याधुनिक पीआरए भवन (रैन बसेरा) का निर्माण होगा। 24.86 करोड़ रुपये की लागत से 45 कमरों में 90 बेड और डॉरमेट्री में 420 बेड की व्यवस्था की जाएगी। रसोई, डायनिंग हॉल, लॉन्ड्री, दो लिफ्ट, भोजन व्यवस्था समेत अन्य सुविधाएं भी रहेंगी। मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भूमि पूजन कर रैन बसेरा का शिलान्यास किया। नई डायग्नोस्टिक सेवाओं का उद्घाटन भी किया गया।

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शिलान्यास कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। अब तक सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों के लिए मरीजों को अन्य परिसर या दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे इलाज में देरी होती थी। नई डायग्नोस्टिक सेवा शुरू होने से एक ही स्थान पर उपचार और जांच की सुविधा मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि शहीद पथ स्थित परिसर में 1000 बेड के ब्रॉड स्पेशियलिटी अस्पताल को स्वीकृति मिल चुकी है। 100 शैय्या के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा 888 कमरों वाले बॉयज एवं गर्ल्स हॉस्टल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी प्रगति पर है। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह, सीएमएस डॉ. श्रीकेश, डॉ. विक्रम सिंह और अन्य लोग मौजूद रहे।

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राज्यपाल ने गर्भ संस्कार केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया

राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में रैन बसेरा शिलान्यास कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गर्भ संस्कार केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि, गर्भवती महिलाओं के समुचित मार्गदर्शन के लिए गर्भ संस्कार केंद्र होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान मातृ आहार, व्यवहार, विचार एवं परिवेश का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। अतः गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, सकारात्मक चिंतन एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में परामर्श एवं आवश्यक साहित्य उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अस्पताल परिसर में बाहरी खाद्य पदार्थ लाने पर रोक लगाने के लिए भी कहा। राज्यपाल ने महिलाएं और बच्चों से संवाद भी किया। इस दौरान महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बच्चों को होली में हर्बल रंगों के प्रयोग के लिए करने की सलाह भी दी।

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