Moradabad: नोकझोंक के बीच 11.70 करोड़ का बजट मंजूर, कई मुद्दों पर आमने सामने आए भाजपा व विपक्षी पार्षद

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। नगर निगम बोर्ड की बैठक में मंगलवार को कई मुद्दे पर सत्ता व विपक्ष के पार्षदों में हल्की नोकझोंक के सदन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11.70 करोड़ 43 लाख का मूल बजट स्वीकृत कर दिया। इस धनराशि से कई महत्वपूर्ण विकास कार्य कराने की प्रतिबद्धता जताई गई। महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता व नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल की उपस्थित में नगर निगम बोर्ड की बैठक टाउनहाल स्थित कार्यालय सभागार में हुई।

इसमें पहले सत्र में पिछली बैठक की कार्यवाही में बिंदुओं पर चर्चा कर अनुमोदित किया गया। बैठक में सदन का माहौल उस समय गरम हो गया जब मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में सूफी अंबा प्रसाद की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जिसका विपक्ष के कुछ पार्षदों ने अपनी बात रखकर नाराजगी जताई। मामला बिगड़ता देखकर महापौर ने स्थिति को संभाला। नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के पार्षद अनुभव मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि सत्ता के दम पर विपक्ष की आवाज दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष की आवाज नहीं सुननी है तो बैठक में बुलाया क्यों जाता है। उन्होंने पूर्व में स्वयं के द्वारा उठाए गए चूहों के द्वारा शहर की कई सड़कों को बचाने की आवाज बुलंद की। कहा इन सड़कों के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च होता है। चूहे इसे खोद कर खोखला कर देते हैं। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। इसके अलावा अन्य जर्जर सड़कों, पेयजल व सीवर लाइन का मुद्दा भी कई पार्षदों ने उठाया। महानगर की कई पुरानी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने की मांग भी उठी।

दूसरे सत्र में एजेंडे के मूल विषय वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 117043.42 लाख अर्थात 11 अरब, 70 करोड़, 43 लाख 42 हजार रूपये का मूल बजट मंजूरी के लिए निगम के सदन में प्रस्तुत किया गया। जिस पर चर्चा के दौरान बताया गया कि मूल बजट के आय पक्ष में 3170 लाख रुपये रखा गया है। जिसमें भवन कर से 5175 लाख, जलकर से 4600 लाख और 2 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी से 3000 लाख की आय का खाका प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा कर एवं करेत्तर में प्रेक्षागृहकर से 5 लाख और सीवर कर से 1 करोड़ 15 लाख रुपये प्रस्तावित किया गया था। नगर निगम के भवन व दुकानों से किराए से 150 लाख आय और नजूल भूमि के किराए से एक करोड़ अर्जित करने की बात कही गई। वहीं व्यय पक्ष पर भी सदन में पार्षदों ने चर्चा कर अपनी बात रखी। कुछ ना नुकुर के बाद बजट को सदन ने मंजूर कर दिया।

फीस एंड यूजर्स चार्ज से ऐसे होगी आय
मद प्रस्तावित आय
रिक्शा व आटो लाइसेंस - 10 लाख रुपये
खोखा लाइसेंस - 16 लाख
पावर लाइसेंस - 30 लाख
बाइलाज लाइसेंस (खाद्य पदार्थ)- 50 लाख
व्यवसाय लाइसेंस फीस - 1 करोड़ रुपये
होर्डिंग फीस व विज्ञापन - 4 करोड़ 50 लाख
फेरी नीति - 30 लाख
पशु लाइसेंस - 10 लाख
भूल भुलैया - 30 लाख
कंपनी बाग - 30 लाख
हनुमान वाटिका - 1 लाख
संविधान साहित्य पार्क - 10 लाख
युद्ध स्मारक - 30 लाख
वेस्ट अवेयरनेस सेंटर से - 10 लाख

अनुदान से आय
राज्य वित्त आयोग - 2 अरब 70 करोड़
15वां-16वां वित्त आयोग - 1 अरब

अमृत योजना - 1 करोड़

स्वच्छ भारत मिशन - 1 अरब 50 करोड़
नगर आयुक्त - दिव्यांशु पटेल,  बोर्ड की बैठक में 11 अरब, 70 करोड़ 43 लाख रुपये का बजट सदन से स्वीकृत कर दिया है। इसमें आय पक्ष पर भी पूरा जोर है। इससे नगर निगम के सभी वार्डों व प्रमुख स्थानों का विकास कराकर निगम की छवि पूरे प्रदेश ही नहीं देश में प्रतिष्ठित किया जाएगा। जनता के हित में सभी कार्य प्राथमिकता व गुणवत्ता के साथ कराए जाएंगे।

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