दिल्ली पुलिस Vs हिमाचल पुलिस: शिमला हाईवे पर दोनों राज्यों के अधिकारियों का हाई-वोल्टेज ड्रामा, AI समिट से शुरू हुई पूरी कहानी
नई दिल्लीः दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की पुलिस के बीच बुधवार-गुरुवार की रात शिमला के पास चंडीगढ़-शिमला हाईवे पर कई घंटों तक चला तनावपूर्ण सामना आखिरकार खत्म हो गया। दिल्ली पुलिस तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली रवाना हो गई, लेकिन इससे पहले दोनों राज्यों की पुलिस टीमें आमने-सामने आ गईं। यह पूरा विवाद दिल्ली में हुए AI इम्पैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रोटेस्ट से जुड़ा है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी और अब अंतरराज्यीय पुलिस टकराव में बदल गया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
20 फरवरी 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। वे सरकार विरोधी नारे लगाते हुए स्लोगन वाली टी-शर्ट्स लहराते रहे। इस घटना ने बड़ा हंगामा मचा दिया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। अब तक इस मामले में 11 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस को खबर मिली कि कुछ आरोपी युवा शिमला जिले के रोहड़ू इलाके में छिपे हुए हैं। इस सूचना पर स्पेशल सेल की टीम वहां पहुंची और तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं—सौरभ सिंह (अमेठी, उत्तर प्रदेश), सिद्धार्थ अवदूत (तिलक नगर, मध्य प्रदेश) और अरबाज खान (सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश)—को गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों हिमाचल के मूल निवासी नहीं थे, लेकिन प्रदर्शन के बाद रोहड़ू के एक रिसॉर्ट में ठहरे थे।
हाईवे पर पुलिस का टकराव क्यों?
दिल्ली पुलिस टीम आरोपी को लेकर दिल्ली लौट रही थी, लेकिन जैसे ही सोलन जिले के धर्मपुर इलाके में हिमाचल पुलिस को इसकी भनक लगी, उन्होंने चंडीगढ़-कालका-शिमला हाईवे (NH-5) पर बैरिकेड लगाकर दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को रोक लिया। हिमाचल पुलिस का आरोप था कि दिल्ली पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए या उचित प्रक्रिया अपनाए लोगों को "अपहरण" की तरह ले जाया।
इसके जवाब में हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 15-20 जवानों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया और उनकी गाड़ियों को शोगी बॉर्डर के पास रोक लिया। कई घंटों तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस चली, जिसमें हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दिल्ली पुलिस ने इसे गैरकानूनी बताया, जबकि हिमाचल पुलिस ने कहा कि क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन हुआ है।
कोर्ट में क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों को शिमला के एसीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां मजिस्ट्रेट ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। रात करीब 1:30 बजे कोर्ट की कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस टीम आरोपी लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शुक्रवार को इस मामले पर मीडिया ब्रीफिंग की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल सरकार पर आरोप लगाया कि वह आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "AI समिट में दुनिया भर के लीडर्स आए थे, वहां देश की छवि खराब करना देशद्रोह जैसा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इशारे पर यूथ कांग्रेस ने यह किया, इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
दोनों राज्यों की पुलिस के बीच टकराव ने सियासी और कानूनी बहस को और गरमा दिया है। अब तीनों आरोपी दिल्ली की अदालत में पेश होंगे, जहां मूल FIR दर्ज है।
