अयोध्या में तीर्थयात्रियों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं: 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर विश्राम गृह, कुंड व स्तंभ निर्माण से मिलेगा आराम

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार: निर्माणाधीन 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर व्यापक विकास हो रहा है। इससे तीर्थ यात्रियों को काफी सुगमता होगी। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटन और तीर्थाटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का विकास एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह परिक्रमा मार्ग अयोध्या की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है जो लगभग 40-45 किलोमीटर लंबा है। यह सरयू नदी के आसपास फैला हुआ है। यहां श्रद्धालु भगवान श्रीराम की नगरी की परिक्रमा करते हैं। कार्तिक में परिक्रमा का विशेष महत्व होता है। 

यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 2124.53 लाख रुपये है। इस राशि से मार्ग पर विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इनमें विश्राम गृह, स्तम्भ, कुंडों का निर्माण, इंटरप्रिटेशन वॉल, शिलालेख, डारेक्शनल साइनेज, पाथवे, स्टोन बेंच, डस्टबिन, लाइटिंग, प्रवेश द्वार, बाउंड्रीवॉल और छतरी का निर्माण शामिल है। ये सुविधाएं तीर्थ यात्रियों को विश्राम, दिशा-निर्देश, स्वच्छता और सौंदर्य का पूर्ण आनंद प्रदान करेंगी। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुण्डे ने बताया कि यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।

कुंडों का कार्य विशेष रूप से प्रस्तावित

विशेष रूप से मार्ग पर स्थित महत्वपूर्ण कुंडों और स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। लक्ष्मी सागर कुंड, वैतर्णी कुंड, निर्मली कुंड, गिरिजा कुंड और विभीषण कुंड जैसे पवित्र स्थलों पर विशेष कार्य प्रस्तावित हैं। इन कुंड का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही विघ्नेश्वर नाथ शिवमंदिर का भी विकास कार्य चल रहा है, जो मार्ग की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाएगा।

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