छोटे-छोटे बच्चों के पोर्नोग्रॉफी वीडियो बनाकर विदेशों में बेचता था जूनियर इंजीनियर, पत्नी भी बनीं मददगार, बांदा पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
बांदा POCSO कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 34 मासूम बच्चों से दरिंदगी, 47 देश और 74 गवाह... कोर्ट 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' करार कर दी जेई पति-पत्नी को फांसी
बांदा: एक दिल दहला देने वाले मामले में बांदा की विशेष POCSO अदालत ने सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी दुर्गावती को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी में रखते हुए दोनों को फांसी तक लटकाए जाने का आदेश दिया। यह सजा 34 नाबालिग बच्चों (कुछ मात्र 3 साल के) के साथ यौन शोषण, अप्राकृतिक कृत्य, पोर्नोग्राफी के लिए इस्तेमाल और डार्क वेब पर सामग्री बेचने के लिए दी गई है।
विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पेज के विस्तृत फैसले में कहा कि दोषियों का नैतिक पतन इतना गहरा है कि समाज की रक्षा के लिए कठोरतम सजा जरूरी है। अपराध 2010 से 2020 तक चला, जिसमें बच्चों को लालच देकर शोषित किया गया, वीडियो बनाए गए और विदेशों में बेचे गए। अदालत ने यूपी सरकार को प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10 लाख रुपये मुआवजा देने और आरोपियों के घर से बरामद नकदी को पीड़ितों में बांटने का निर्देश दिया। रामभवन पर 6.45 लाख और दुर्गावती पर 5.40 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
इंटरपोल की ई-मेल से खुलासा, CBI की गहन जांच
मामला तब सामने आया जब इंटरपोल ने CBI को ई-मेल भेजकर सूचना दी कि रामभवन डार्क वेब पर बच्चों के अश्लील वीडियो और फोटो बेच रहा है। तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर वह सामग्री रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत करीब 47 देशों में भेजता था। CBI ने अक्टूबर 2020 में केस दर्ज किया और नवंबर 2020 में चित्रकूट के आवास पर छापा मारा। रामभवन और दुर्गावती गिरफ्तार हुए। जांच में 990 पन्नों की रिपोर्ट तैयार हुई, जिसमें 10 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 6 मेमोरी कार्ड, 6 पेन ड्राइव, डिजिटल कैमरा, नाइट विजन कैमरा, यौन उत्तेजक दवाएं और भारी नकदी बरामद हुई। पेन ड्राइव से 34 वीडियो और 679 अश्लील तस्वीरें मिलीं।
दुर्गावती ने गवाहों को धमकाया, भांजे को भी नहीं बख्शा
दुर्गावती ने पीड़ित बच्चों और अभिभावकों को प्रभावित करने की कोशिश की, वकील के पास ले जाने और फोन पर धमकियां दीं। जांच में पता चला कि दंपति ने रिश्तेदारों, मजदूरों के बच्चों और यहां तक कि भांजे को भी निशाना बनाया। बच्चे डरे-सहमे थे, कुछ की आंखें तिरछी हो गईं, भौंहें हट गईं और अंग क्षतिग्रस्त हुए। एम्स में उनका इलाज जारी है, ज्यादातर पीड़ित हमीरपुर जिले के हैं।
कोर्ट में 74 गवाहों के बयान, वीडियो सबूत
कोर्ट में 74 गवाहों ने गवाही दी। एक वीडियो में दंपति 5 बच्चों के साथ सामूहिक अश्लील हरकतें करते दिखे। दुर्गावती बच्चों को खिलौने और खाने का लालच देकर फंसाती थी। तीसरे आरोपी की फाइल अलग कर दी गई, जो ई-मेल से जानकारी शेयर करने के आरोप में जमानत पर बाहर है।
दोषियों का रवैया
सजा सुनने के बाद रामभवन ने कहा, "मुझे फंसाया गया है, हाईकोर्ट में अपील करेंगे।" दुर्गावती ने भी निर्दोष होने का दावा किया। उनकी मां ने रिश्तेदारों पर आरोप लगाया, लेकिन नाम नहीं बताया।
