अनिश्चितकाल के लिए स्थगित यूपी विधानसभा की कार्यवाही, 9.12 लाख करोड़ का बजट पारित, इन मुद्दों पर चर्चा 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 का 9.12 लाख करोड़ का बजट विधानमंडल के दोनों सदनों में पारित हो गया और इसी के साथ ही विधानमंडल की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नेता सदन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत अन्य दलीय नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी को शुरू हुआ था। विधान सभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 11 फरवरी को विधान सभा में बजट प्रस्तुत किया था, जिसे आज ध्वनि मत से पारित किया गया।

गलगोटिया, पता नहीं कहां का कुत्ता ले आया...पर माहौल हुआ हल्ला

विधानसभा में प्राइमरी से लेकर निजी उच्च शिक्षा केंद्रों की बेतहाशा फीस को लेकर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री से कानून बनाने की मांग की। फीस संरचना पर सवाल उठाते हुए सरकार की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई निजी स्कूल-कालेज और विश्वविद्यालय शिक्षा के विस्तार से ज्यादा पूंजीपतियों के हित में काम कर रहे हैं। चर्चा के दौरान उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों पर कटाक्ष करते हुए टिप्पणी की कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी को देख लीजिए, पता नहीं कहां का कुत्ता ले आया, कहा कि हमने बनाया है।

पूरे विश्व में हंसी का पात्र बनना पड़ा। उनके बयान के दौरान सदन में मौजूद सदस्यों के बीच हल्की हंसी देखने को मिली. इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुस्कुराते नजर आए। दिल्ली में आयोजित ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में गलगोटिया विश्वविद्यालय से जुड़े विवाद की गूंज गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी सुनायी दी।

समाजवादी पार्टी के सदस्यों सचिन यादव और पंकज मलिक ने शून्य काल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए ‘एआई इंपैक्ट समिट’ में उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय के कथित दावे को लेकर उठे विवाद को छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगाने वाला करार देते हुए राज्य सरकार से इसकी गहराई से जांच कराने की मांग की।

आईएएस-आईपीएस नहीं बता रहे कितनी संपत्ति

विधानसभा के बजट सत्र में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की संपत्ति के ब्यौरे को लेकर शुक्रवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सदन में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। दावा किया कि आईएएस, आईपीएस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा गया था, लेकिन कई अधिकारियों ने अब तक यह जानकारी नहीं दी है।

उन्होंने मांग की कि विधायकों की तर्ज पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की संपत्ति का विवरण भी सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। इस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में सभी आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा एक ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है, जिसे जनता देख सकती है।

मंत्री ने कहा कि संपत्ति का ब्यौरा न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान मौजूद है। सुरेश खन्ना ने आगे बताया कि वर्ष 2019 से केवल एक अधिकारी ने ही संपत्ति का ब्यौरा जमा नहीं किया है, जिसके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है या प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बेसिक-पे के दोगुने से अधिक मूल्य की खरीद पर सरकार को जानकारी देनी अनिवार्य है, और इस नियम का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

विधानसभा में योगी ने शिवपाल को कहा लठैत

विधानसभा में सीएम योगी सदन में अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। शुरुआत में ही सपा नेता शिवपाल यादव पर जोरदार हमला बोल दिया। योगी ने भरी विधानसभा में शिवपाल यादव को लठैत कह दिया और फिर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मैं प्रार्थना करुंगा कि चच्चा शिवपाल यादव का श्राप आपको न लगे। योगी ने कहा कि माता प्रसाद पांडे जी समाजवादी आंदोलन के मुताबिक जीवन जीने वालों की अंतिम पीढ़ी हैं। आपके पीछे शिवपाल जी जैसे कुछ लठैत थे।

विजिलेंस के पीछे विजिलेंस लगानी पड़ेगी...

विधानसभा में कुंडा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने बिजली विभाग की विजिलेंस टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार की छवि पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति अब काफी बेहतर हो गई है, लेकिन विजिलेंस टीम की छापेमारी से सरकार की बदनामी हो रही है। राजा भैया ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों से विजिलेंस टीम लगातार ऐसी कार्रवाइयां कर रही है, जिससे योगी सरकार की मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि विजिलेंस टीम के पीछे एक और विजिलेंस टीम लगानी पड़ जाएगी, ताकि उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सके।

यूपी विधान सभा में ‘बोतल’ पर ठहाके

विधान सभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के सपा सदस्य आशु मलिक ने महंगाई और कालाबाजारी पर सरकार को घेरते हुए कविता पढ़ी। इसके बाद सपा के ही डाॅ. आरके वर्मा ने भी एक कविता पढ़ी...“तेल की बोतल पूछ रही है..., क्यों तुम इतना देख रहे हो यूं। पहले तुम्ही खरीदते थे मुझे, अब इतना क्यों सोच रहे हो तुम...।” वर्मा की कविता पर सत्ता पक्ष की ओर से गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि इन्हें ‘बोतल’ बहुत अखर रही है, उसके जरूर दाम बढ़ गए हैं। इस पर अध्यक्ष सतीश महाना ने मुस्कराते हुए पूछा...“कौन सी बोतल?” अध्यक्ष की इस टिप्पणी पर पूरे सदन में ठहाका गूंज उठा और कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया। मंत्री ने आगे कहा कि आज नेता प्रतिपक्ष बोलेंगे यदि वे कह दें कि ‘बोतल’ के दाम बढ़ गए हैं, तो उस पर भी विचार कर लिया जाएगा।

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