Bareilly: ट्रामा सेंटर पर करोड़ों खपाए, दो साल के बाद भी शुरू नहीं कर पाए

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। ये लापरवाही नहीं तो और क्या है..., जिला अस्पताल परिसर में गंभीर मरीजों के लिए ट्रामा सेंटर बने दो साल बीत चुके हैं, मगर अभी तक उसके संचालन पर संकट के बादल छाए हैं। निर्माण पर चार करोड़ रुपये खपाने के बाद भी सेंटर में ऑक्सीजन जैसी जरूरी सुविधा ही नहीं है।

अनदेखी के चलते बिल्डिंग धूल फांक रही है। सेंटर के बाहर ताला लटका हुआ है। मुख्य चिकित्साधिकारी का दावा है कि ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग जिला अस्पताल प्रशासन को हैंडओवर की जा चुकी है, मगर अस्पताल प्रशासन इस बात से इन्कार कर रहा है। फिलहाल, गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। बेहतर इलाज के दावे दम तोड़ रहे हैं।

जिला अस्पताल में वर्ष 2023 में ट्रामा सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सेंटर में ऑक्सीजन तक की सप्लाई नहीं है। बिना ऑक्सीजन के किसी भी ट्रामा सेंटर को नहीं चलाया जा सकता। इतना ही नहीं बिल्डिंग को फायर विभाग से भी एनओसी नहीं मिली है। यही वजह है कि इस बिल्डिंग को जिला अस्पताल प्रशासन ने अपनी सुपुर्दगी में नहीं लिया है। वहीं ट्रामा सेंटर को चलाने के लिए विभाग की ओर से कई बार शासन को पत्र लिखकर डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती की मांग की जा चुकी है, मगर अब तक किसी की भी तैनाती नहीं की गई है।

जिम्मेदारों को नहीं कोई सरोकार
ट्रामा सेंटर के संचालन को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन और न ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसर गंभीर हैं। यही वजह है कि इसके संचालन के प्रयास जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहे हैं। अगर सेंटर शुरू हो जाए तो गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। उन्हें हायर सेंटर भेजने की जगह यहीं पर उनका बेहतर इलाज किया जा सकता है। फिलहाल, अभी यहां पर इलाज के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

बिना ऑक्सीजन प्लांट के नहीं चल सकता ट्रामा सेंटर
जिला अस्पताल के अंदर तो ऑक्सीजन प्लांट है, लेकिन ट्रामा सेंटर को सेंट्रलाइज ऑक्सीजन किया जाना है। इसके बगैर वह नहीं चल पाएगा। वहां पर ऑक्सीजन सिलेंडर से काम नहीं किया जा सकता। वहां ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाना जरूरी है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग तैयार हो चुकी है। बहुत पहले ही जिला अस्पताल प्रशासन को बिल्डिंग हैंडओवर की जा चुकी है। उसको चलाना जिला अस्पताल प्रशासन का काम है।

मंडलीय अपर निदेशक अजय मोहन अग्रवाल के मुताबिक हमें बिल्डिंग नहीं मिली है। वह बिल्डिंग अभी अधूरी है। उसमें अभी तक ऑक्सीजन की सप्लाई तक नहीं है।अधूरी बिल्डिंग में कैसे ट्रामा सेंटर चलाया जा सकता है।

 

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