अवध विश्वविद्यालय में बड़ा घोटाला ! 5.5 लाख छात्रों का छात्र कल्याण निधि फंड महाविद्यालयों में फंसा, कोई लाभ नहीं
सम्बद्ध महाविद्यालयों द्वारा की जा रही है छात्र कल्याण निधि की वसूली, शासन के आदेश की अनदेखी
अयोध्या, अमृत विचार : डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण निधि (स्टूडेंट वेलफेयर फंड) की अनियमितता ने 5.50 लाख से अधिक छात्रों को प्रभावित किया है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विश्वविद्यालय स्तर पर यह फंड लागू नहीं किया गया है, जबकि संबद्ध महाविद्यालयों में छात्रों से ''''वेलफेयर फंड'''' के नाम पर धनराशि वसूली जा रही है। हर सत्र में लगभग साढ़े तीन लाख छात्र इससे प्रभावित हो रहे हैं।
शासनादेश के अनुसार छात्र कल्याण निधि का गठन छात्रों के हित में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं जैसे स्वास्थ्य सहायता, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आपातकालीन मदद के लिए किया जाना चाहिए। अवध विश्वविद्यालय में इस फंड का कोई ठोस प्रबंधन या उपयोग नहीं दिख रहा है। संबद्ध कॉलेजों में फीस के साथ यह राशि अनिवार्य रूप से ली जाती है, लेकिन छात्रों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। इससे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा हैं। वे महसूस कर रहे हैं कि उनकी जेब से निकली राशि कहीं गायब हो रही है। छात्र संगठनों और अभिभावकों ने इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।
कई छात्रों का कहना है कि फंड की अनदेखी से उनके कल्याण से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। कुलपति और छात्र कल्याण अधिष्ठाता से इसकी जांच और शासन निर्देशों के अनुपालन की मांग की जा रही है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र आंदोलन की ओर बढ़ सकते हैं। सेवानिवृत्त प्राचार्य राधेश्याम मिश्रा ने बताया कि छात्र कल्याण निधि बेसिक से माध्यमिक और उच्च शिक्षा तक लागू है। ली जाने वाली फीस में इसकी एक न्यूनतम अलग अलग कॉलेजों द्वारा ली जा रही है। इसके बाद भी यदि अनदेखी की जा रही है तो बड़ी गड़बड़ी है।
फैक्ट फाइल
महाविद्यालय - 659
छात्र - 5,52,377
छात्राएं - 3,02,070
छात्र - 2,50,307
शासकीय महाविद्यालय- 08
एडेड महाविद्यालय -14
स्ववित्तपोषित - 634
विद्यार्थियों की छात्र कल्याण निधि समाज कल्याण विभाग से संचालित होती है। अवध विश्वविद्यालय में छात्र निधि के गठन के लिए विद्या परिषद का अनुमोदन जरूरी होता है।
-विनय कुमार सिंह, कुलसचिव।
