Bareilly: कैबिनेट मंत्री ने एसडीएम से कहा, निजी भूमि पर बने मंदिर के निर्माण में न डालें बाधा
बरेली, अमृत विचार। तहसील सदर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी शिकायत के साथ गिरधारीपुर निवासी रूप चंद्र कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की चिट्ठी भी साथ लेकर पहुंचे। एसडीएम सदर को शिकायत संग चिट्ठी भी सौंपी।
कैबिनेट मंत्री की चिट्ठी में एसडीएम सदर के लिए लिखा है कि रूप चंद्र ने गांव में ही मंदिर बनवाया है, उस पर ग्राम के प्रधान ने केस कर दिया है कि यह ग्राम पंचायत की जमीन है, जबकि न्यायालय का निर्णय भी रूप चंद्र के पक्ष में है। एसडीएम सदर को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में कोई बाधा न डाली जाए, बाउंड्री बाल का निर्माण करा दें।
रूपचंद्र ने अपनी शिकायत में है कि वह भाेलेनाथ मंदिर का सर्वराकार है। उसकी देखभाल करता आ रहा है। आरोप है कि प्रधान ने एक लाख पचास हजार रुपये मंदिर की बाउंड्री बाल बनवाने के लिए मांगे थे, रुपये न देने पर उससे रंजिश मान रहे हैं। उसने दूसरे पक्ष पर खेत और चकरोड पर कब्जा करने का आरोप लगाया।
प्रकरण में जांच करायी जा रही है। इधर, मंत्री धर्मपाल सिंह की एक और चिट्ठी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची। उसमें कहा है कि किला छावनी निवासी कृष्ण के साथ उसकी पुत्रबधू अपमानजनक व्यवहार करती है। घर में रहने नहीं दे रही है, जांच कराकर इनकी मदद करें। एसएचओ किला को जांच दी गयी है। संपूर्ण समाधान दिवस में 11 बजे तक एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, तहसीलदार भानु प्रताप सिंह ने सुनवाई की, उसके बाद एसपी सिटी मानुष पारिक ने सुनवाई की।
70 वर्षीय महिला की 2022 में पेंशन स्वीकृत, मिली आज तक नहीं
- क्यारा ब्लॉक के पालपुर कमालपुर निवासी 70 वर्षीय चम्पा देवी पत्नी स्व. रामबाबू ने शिकायत करते हुए कहा है कि 2022 में उसकी वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गयी थी लेकिन आज तक उसे पेंशन की धनराशि का एक रुपया नहीं मिला। वह बेहद आर्थिक संकट में अपना जीवन यापन कर रही है। पेंशन की धनराशि दिलाने की मांग की।
रिटायर्ड दरोगा पर विधवा का प्लाट कब्जाने का आरोप
- सनैयारानी मेवाकुंवरपुर निवासी जमीलन पत्नी स्व. नवीशेर खां ने शिकायत करते हुए कहा है कि उसके पुत्र का प्रधानमंत्री आवास योजना में नंबर आया था। 25 जनवरी को वह अपने पुत्र वारिश खां के साथ प्लाट पर मकान की नींव खोदने गयी थी। एक रिटायर्ड दरोगा कुछ लोगाें के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। न देने पर एससी-एसटी केस में मुकदमा दर्ज कराने को धमकाया। कुछ लोगों के एकत्र होने पर भाग गए। जानमाल का खतरा बताते हुए विधवा ने कार्रवाई की गुहार लगाई है।
