उत्तर प्रदेश बना बाढ़ प्रबंधन का देश का मॉडल राज्य, 2017 से अब तक 3.72 करोड़ लोगों को मिली बाढ़ से सुरक्षा
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश ने बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश में एक मिसाल कायम की है। वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं, तटबंध निर्माण और सुरक्षित क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष राहत मिली है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुसार, वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश के आठ प्रमुख रिवर बेसिन गंगा, यमुना, गंडक, सरयू, रामगंगा, राप्ती-रोहिन, सोन और गोमती के डूब क्षेत्रों में कुल 1,950 बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.72 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रूप से बाढ़ से सुरक्षा मिली है। इसी अवधि में 523 तटबंधों का निर्माण कर 3,869 किलोमीटर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है। इनमें अतिसंवेदनशील और संवेदनशील तटबंध भी शामिल हैं, जिनसे बलिया, गोरखपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर जैसे बाढ़ प्रभावित जिलों में कटान और जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
प्रदेश में ड्रेनेज व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। वर्ष 2025-26 में गोंडा, बिजनौर, हापुड़, बहराइच और मिर्जापुर में नए ड्रेजिंग कार्यों को मंजूरी दी गई है। बाढ़ सुरक्षित क्षेत्र और लाभान्वित आबादी में लगातार वृद्धि योगी सरकार की जनकेंद्रित, दूरदर्शी और जवाबदेह कार्यशैली को दर्शाती है, जिसने उत्तर प्रदेश को बाढ़ प्रबंधन के क्षेत्र में देश का मॉडल राज्य बना दिया है।
