पीएम मोदी ने मलेशिया में दिया पाकिस्तान को कड़ा संदेश, कहा- 'आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेगा'

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिली है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि इस मुद्दे पर कोई दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और मलेशिया मिलकर आतंकवाद से लड़ाई में मजबूती से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे। हम खुफिया जानकारी साझा करने, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों को एकजुट होकर काम करना होगा।

आतंकवाद पर साफ संदेश

पीएम मोदी के इस बयान को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों के लिए एक सीधा संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान को लेकर भारत का सख्त रुख दर्शाता है, जहां आतंकवाद पर दोहरे मापदंड अपनाने की पुरानी आदत रही है।

सुरक्षा से लेकर तकनीक तक कई क्षेत्रों में नई साझेदारी

- रक्षा और सुरक्षा : आतंकवाद विरोधी सहयोग, खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान, समुद्री सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को बढ़ावा

- तकनीक और नवाचार : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में संयुक्त प्रयास

- स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा : इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना

- आर्थिक संबंध : सीईओ फोरम के जरिए व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुले, दोनों देशों की कंपनियों को निवेश और कारोबार के बड़े अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसे पर विशेष जोर देते हुए कहा, "रणनीतिक विश्वास के आधार पर हम आर्थिक परिवर्तन की नई राह बनाएंगे। यह साझेदारी सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका फायदा आम नागरिकों तक पहुंचेगा।"

एशिया में स्थिरता और समृद्धि की नई दिशा

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत अपने मित्र देशों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ना चाहता है। मलेशिया के साथ बढ़ती साझेदारी इसी सोच का हिस्सा है। आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे, जिससे पूरे एशिया क्षेत्र में स्थिरता और विकास को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने न सिर्फ भारत-मलेशिया संबंधों को नया आयाम दिया है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत के सशक्त और स्पष्ट रुख को भी दुनिया के सामने रख दिया है।

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