Union Budget 2026-27 : पीएम मोदी ने बजट को बताया ऐतिहासिक, कहा- छोटे व्यापारियों को बड़ा फायदा, भविष्य की मजबूत नींव'

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का आम बजट 2026 पेश किया है। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट है। बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने तमाम सेक्टर्स के लिए कई बड़े ऐलान किए। इसी बीच, बजट को लेकर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें देश की नारी शक्ति का सशक्त प्रतिबिंब झलकता है। महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार देश का बजट प्रस्तुत करके नया रिकॉर्ड बनाया है। यह बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दिखाता है। यह सुधारों की यात्रा को मजबूत करता है और विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करता है। उ

न्होंने कहा कि भविष्य को ध्यान में रखकर इस बजट को पेश किया गया है। इससे छोटे व्यापारियों को काफी फायदा होगा। ये विकसित भारत की गति को तेज करने वाला बजट है। ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को सशक्त करता है। ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार है। मित्रों, भारत जिस सुधार की रफ्तार पर आज चल रहा है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा और नई गति मिलेगी। इस बजट से यूथ की उड़ान के लिए आसमान खुल गया है। भारत तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है। बजट से भारत की ग्लोबल पोजीशन मजबूत होगी। ये बजट भारत की वैश्विक भूमिका को नए सिरे से सशक्त करता है। भारत के 140 करोड़ नागरिक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं हैं। हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि यह बजट भरोसे पर आधारित गवर्नेंस और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को दिखाता है। यह एक खास बजट है जो राजकोषीय घाटे को कम करने और महंगाई को कंट्रोल करने को प्राथमिकता देता है, साथ ही ज्यादा पूंजीगत खर्च और मजबूत आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाता है। 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि विश्व के एक विश्वसनीय लोकतांत्रिक भागीदार और विश्वसनीय गुणवत्ता आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। हाल ही में जो बड़े-बड़े व्यापार सौदे भारत ने किए हैं, जिसका मुख्य लाभ भारत के युवाओं को मिला, भारत के लघु और मध्यम उद्योग के लोगों को मिला, इस दिशा में बजट में बड़े-बड़े कदम दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बजट सिर्फ आज की जरूरतें पूरी नहीं करता, बल्कि 2047 के विकसित भारत की नींव को भी मजबूत करता है। उन्होंने इसे 'अवसरों का हाईवे' बताते हुए कहा कि भारत अब केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर रुकना नहीं चाहता, देश की नजरें अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर टिकी हैं।

 इस बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। इस बजट में नई उभरती इंडस्ट्रीज यानी सनराइज सेक्टर्स को जिस बढ़ोतरी के साथ समर्थन दिया गया है, वह अभूतपूर्व है।

उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में भारत ने कई बड़े ट्रेड डील फाइनल किए हैं, जिन्हें अक्सर 'सभी डील की जननी' कहा जाता है। यह पक्का करने के लिए कि ज्यादा से ज्यादा फायदा युवाओं और एमएसएमई तक पहुंचे, बजट में कई जरूरी कदम उठाए गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए, बजट में कई बड़े कदम शामिल किए गए हैं। 

इनमें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विकास, नेशनल वॉटरवे का विस्तार, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण, और टियर 2 और टियर 3 शहरों के विकास पर खास ध्यान देना शामिल है। इसके अलावा, म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने का मकसद शहरी इलाकों के लिए एक मजबूत आर्थिक बुनियाद देना है। ये सभी कदम मिलकर विकसित भारत की दिशा में प्रगति को तेज करेंगे।

शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है बजट : प्रधान 

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रविवार को पेश केन्द्रीय बजट में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में शिक्षा बजट को बढाया गया है जो सरकार की शिक्षा के प्रति प्राथमिकता को दर्शाता है। श्री प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन में आज कहा कि इस बजट में नवजात शिशु से लेकर युवा तक का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी, स्कूल शिक्षा, स्किलिंग, नर्चरिंग इनोवेशन, इंटरप्रेन्योरशिप और शोध इस बजट के बड़े संकेत है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे ले जाने के लिए बजट में कई कल्पना की गयी है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में शिक्षा में बजट बढाया गया है। पिछले बार की तुलना में इस बार बजट 8.27 प्रतिशत अधिक है जो सरकार की शिक्षा के प्रति प्राथमिकता को दर्शाता है। श्री प्रधान ने कहा कि भारत की लड़कियां विज्ञान, तकनीक और गणित की शिक्षा में दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ है। सरकार ने इसमें और गति देने के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाये जायेंगे जिसमें शोध,नवाचार और ज्ञान का एक इकोसिस्टम बनेगा। अर्थ नीति को बढाने के लिए उसे ज्ञान से जोड़ना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान खोले जाने की घोषणा की गयी है। देश से बाहर पढने जाने वाले छात्रों को पहले पांच प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था उसे दो प्रतिशत किया गया जिससे छात्रों को देश के बाहर शोध करने के लिए जाना आसान होगा। उन्होंने कहा कि बजट में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) के बजट में चौदह प्रतिशत की बढोत्तरी की गयी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के नालेज आधारित अर्थव्यवस्था को बढाने के लिए यह बजट 21वीं सदी के जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है। 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज