बाराबंकी : केंद्रीय बजट पर उद्योग जगत संतुष्ट तो शिक्षक वर्ग निराश, विभिन्न वर्गों से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं सामने

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी, अमृत विचार। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर जनपद बाराबंकी में विभिन्न वर्गों से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां उद्योग जगत ने बजट को विकसित भारत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम बताया है, वहीं शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने टैक्स राहत और पुरानी पेंशन को लेकर निराशा जताई है।

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के डिविजनल चेयरमैन कैप्टन राजेश कुमार तिवारी ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को 'चैंपियन' के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। सोलर पैनल ग्लास निर्माण में प्रयोग होने वाले सोडियम एंटीमिनेट को कस्टम ड्यूटी से छूट, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा, प्राकृतिक फाइबर, मैग्नेट फाइबर, खादी, हैंडलूम एवं ओडीओपी को प्रोत्साहन जैसे प्रावधान सराहनीय हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा को रोजगार व उद्यमपरक बनाकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल तथा एमएसएमई को इक्विटी व लिक्विडिटी के माध्यम से मजबूत करना भारत को फाइव ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर ले जाने वाला कदम है। वहीं उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ बाराबंकी के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा कि बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पूर्व की भांति 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री रहेगी।

उन्होंने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे रिटर्न भरने की प्रक्रिया सरल होगी। अब 31 जुलाई तक रिटर्न और 31 मार्च तक संशोधित आईटीआर दाखिल किया जा सकेगा, साथ ही करदाता रिटर्न अपडेट भी कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने निराशा जताई कि स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 75 हजार रुपये से अधिक बढ़ने की उम्मीद पूरी नहीं हुई, साथ ही पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर टैक्स में छूट को लेकर भी कोई राहत नहीं दी गई।

यूटा बाराबंकी के जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बाइक पर दी गई छूट स्वागत योग्य है, लेकिन टैक्स स्लैब में कोई राहत न मिलने से मध्यम वर्ग निराश है। साथ ही पुरानी पेंशन बहाली के लिए बजट में धन की कोई व्यवस्था न किए जाने से शिक्षक और कर्मचारी वर्ग में भारी असंतोष है। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर उद्योग जगत में उत्साह है, जबकि शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों में अपेक्षाएं पूरी न होने से असंतोष और निराशा देखने को मिल रही है।

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