Moradabad: ऐसा कुछ कर चलें सखे हम, कालचक्र के आते आते...

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मुरादाबाद, अमृत विचार। साहित्यिक संस्था काव्य सुधा की काव्य गोष्ठी रविवार को हुई। जिसमें काव्य सुधा साहित्यिक मंच के संस्थापक अध्यक्ष सतीश फिगार की स्मृति में साहित्यकारों ने रचनाएं प्रस्तुत की। अध्यक्षता साहित्यकार ओंकार सिंह ओंकार ने की। 

मुख्य अतिथि साहित्य भूषण डॉ. महेश दिवाकर, विशिष्ट अतिथि डॉ. राजीव चौहान और सैयद जहीर राही उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन और पुष्प अर्पित किए और सरस्वती वंदना साहित्यकार राम सिंह निशंक ने की। गोष्ठी के संचालक और काव्य सुधा मंच के महासचिव रघुराज सिंह निश्चल ने सतीश कुमार गुप्ता का जीवन परिचय और साहित्यिक उपलब्धियों से परिचय कराया। इसके बाद रचनाकारों ने स्व. सतीश फिगार की साहित्य के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य अतिथि डॉ. महेश दिवाकर ने सुनाया, ऐसा कुछ कर चलें सखे हम, कालचक्र के आते आते, धरती महके, अंबर महके,महक उठे जग जाते जाते।

ओंकार सिंह ओंकार ने भारत के सब लोग हैं इस गुलशन के फूल, हंसी खुशी फूलें फलें, सबके मन के फूल। जहीर राही ने अपनी रचना यूं सुनाई, खुशी से दिल मशरूर क्यूं है, किसी के ख्वाब चकनाचूर क्यूं हैं..।

इसके अलावा विदुषी पूनम वर्मा, आकाश वर्मा, विकास वर्मा, वीरेंद्र सिंह बृजवासी, मीनाक्षी ठाकुर, प्रीति हुंकार ने भी अपने विचार व्यक्त किए और स्व. सतीश फिगार को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन रघुराज सिंह निश्चल ने किया।

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