अयोध्या : ड्यूटी पर लौटे जीएसटी अधिकारी, सीएम योगी के समर्थन में दिया था इस्तीफा, जानें पूरा मामला...

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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अयोध्या। अयोध्या में तैनात वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा शनिवार को वापस ले लिया। प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की कथित "आपत्तिजनक" टिप्पणियों के विरोध में मंगलवार को वस्तु एवं सेवा कर उपायुक्त के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने शनिवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया और कहा है कि वह काम पर लौट आए हैं। 

प्रशांत कुमार सिंह ने कहा, "मैंने अपना इस्तीफा बिना किसी दबाव के वापस ले लिया है। मुझ पर कोई दबाव नहीं है। आज मैं अपने ऑफिस में हूं और काम कर रहा हूं।" उन्होंने कहा कि यह उनका निजी फैसला था। सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की कथित "आपत्तिजनक" टिप्पणियों के विरोध में मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था। 

उन्होंने कहा था कि जाति और धर्म के आधार पर देश को बांटने की हालिया कोशिशों से उन्हें गहरा दुख हुआ है। सिंह ने कहा था कि वह सरकार, संविधान और देश के चुने हुए नेतृत्व के समर्थन में इस्तीफा दे रहे हैं। प्रशांत कुमार सिंह द्वारा अपनी तैनाती की जगह अयोध्या में अपने इस्तीफे की घोषणा किये जाने के बाद, उनके भाई विश्वजीत सिंह ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि वस्तु एवं सेवा कर अधिकारी ने फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके सरकारी नौकरी हासिल की थी। 

मऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय गुप्ता ने बुधवार को कहा था कि सिंह के विकलांगता प्रमाण पत्र की दोबारा जांच के लिए 2021 में एक शिकायत दर्ज की गई थी और स्वास्थ्य विभाग, दिव्यांगजन आयोग के कार्यालय और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों सहित कई स्तरों पर उसकी जांच की जा रही थी। सीएमओ के अनुसार, संबंधित विकलांगता प्रमाण पत्र 2009 में जारी किया गया था। 

सीएमओ के अनुसार, प्रमाण पत्र की दोबारा जांच के लिए 2021 में एक शिकायत दर्ज की गई थी और तब से सत्यापन प्रक्रिया जारी है। गुप्ता ने कहा था, ''यह मामला 2021 से मेरे संज्ञान में है और तब से जांच प्रक्रिया जारी है।'' 

प्रशांत ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई विश्वजीत सिंह मुख्तार अंसारी गिरोह के सक्रिय सदस्य थे और उनके वित्तीय सलाहकार के रूप में भी काम करते थे। उन्होंने कहा था कि विश्वजीत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और आरोप लगाया कि विश्वजीत सिंह ने उनके माता-पिता पर हमला किया था, जिसके मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।  

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