Moradabad: बंगाली बोलने और लिखने वालों के वेरिफिकेशन में दिक्कत
मुरादाबाद, अमृत विचार। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर इन दिनों विकास भवन में भारी भीड़ और अव्यवस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। सत्यापन और दस्तावेजों के मिलान के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, जिससे कई बार धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन जा रही है। खासकर बंगाली बोलने और लिखने वालों के वेरिफिकेशन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं काजीपुरा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इस प्रक्रिया के दौरान विभिन्न प्रकार की परेशानियां हो रही है।
शुक्रवार को विकास भवन परिसर में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के बाहर लगे एसआई आर के शिविर में पश्चिम बंगाल के मूल निवासी कई लोगों के दस्तावेजों में भाग संख्या और विधानसभा क्रम संख्या बंगाली भाषा में दर्ज है। ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को जानकारी समझने और सत्यापन करने में कठिनाई आ रही है। जिन लोगों ने अपने दस्तावेजों का हिंदी में अनुवाद कराकर प्रस्तुत किया है, उन्हीं का सत्यापन अपेक्षाकृत आसानी से हो पा रहा है, जबकि बाकी लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इसी प्रकार झारखंड से आए लोगों के सामने भी अलग अलग प्रकार परेशानी से जुझ रहे है।कई मामलों में स्थानीय स्तर पर अनुवाद की व्यवस्था न होने से प्रक्रिया लंबी खिंच रही है। इससे कामकाजी लोगों और महिलाओं को विशेष रूप से असुविधा हो रही है। इसके अतिरिक्त प्रेम विवाह करने वाले तथा पारिवारिक विवादों में फंसे कुछ लोगों को अलग तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे मामलों में परिवार के सदस्य आधार कार्ड या अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिसके कारण संबंधित व्यक्तियों का सत्यापन अटक जा रहा है। कई लोगों ने प्रशासन से इस संबंध में सहायता की मांग की है।
