Bareilly : भोजीपुरा में बुलडोजर चलाकर अवैध मस्जिद की ध्वस्त
भोजीपुरा/बरेली, अमृत विचार। भोजीपुरा के गांव घंघोरा पिपरिया में सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से बनायी गई मस्जिद को तहसील सदर प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। तहसीलदार कोर्ट से बेदखली के आदेश के बाद सिविल कोर्ट फिर जिला न्यायालय से पिछले साल दिसंबर में विपक्षी केस हार गए।
तहसील सदर ने कब्जा हटाने को नोटिस दिए। कब्जा नहीं हटाने पर शनिवार को एसडीएम सदर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में तहसील सदर की टीम ने पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में बुलडोजरों से अवैध कब्जा ढहा दिया। कब्जा ध्वस्त करने के बाद तनाव को देखते हुए मौके पर पीएसी तैनात कर दी है।
एसडीएम सदर के अनुसार पिपरिया गांव में करीब 300 वर्गगज में बनी मस्जिद गाटा संख्या 1474 ख पर दर्ज बंजर भूमि पर अवैध रूप से बनायी गयी थी। तहसीलदार सदर की कोर्ट ने 2008 में कब्जा हटाने के लिए बेदखली का आदेश जारी किया था। तहसीलदार ने कब्जेदारों पर जुर्माना भी लगाया था। मुस्लिम पक्ष ने सिविल कोर्ट में अपील की, जिसे सिविल कोर्ट ने खारिज करते हुए बेदखली आदेश को बहाल रखा।
इसके बाद विपक्षी जिला न्यायालय में अपील में चले गए, लेकिन दिसंबर 2025 में अपील खारिज हाे गयी। जिला न्यायालय ने इसे अवैध मानते हुए हटाने के आदेश जारी किए। आदेश के अनुपालन में शनिवार को तहसील प्रशासन ने यह कार्रवाई की। दोपहर करीब 12 बजे से शुरू हुई बुलडोजर की कार्रवाई में एक घंटे में अवैध निर्माण जमीदोंज हो गया।प्रशासन ने मलबे को भी बुलडोजर से हटा दिया।
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार के साथ तहसीलदार सदर भानु प्रताप, सीओ हाईवे शिवम आशुतोष सिंह के साथ ही भारी संख्या में फोर्स की मौजूदगी रही। कब्जा ढहाने के दौरान गांव में बाहर से आने वाले व्यक्तियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गयी। कार्रवाई के दौरान गांव में खलबली मची रही। पुलिस-पीएसी बल को देख कोई मौके पर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
करीब 17 साल केस लड़ने के बाद प्रशासन ने बंजर भूमि से हटवाया अवैध निर्माण
एसडीएम सदर प्रमाेद कुमार ने बताया कि 1474 (ख) गाटा संख्या बंजर भूमि है। 2008-09 में तहसीलदार सदर कोर्ट ने बंजर भूमि पर किए अवैध निर्माण के विरुद्ध बेदखली का आदेश जारी कर विपक्षियों पर जुर्माना लगाया था। उस आदेश के विरुद्ध विपक्षी एडीजे फास्ट ट्रैक की कोर्ट में 2014 में अपील में चले गए थे, 2022 तक मुकदमा चला। 2022 में कोर्ट से निर्णय प्रशासन के पक्ष में आ गया। उसके बाद विपक्षी ने जिला न्यायालय में अपील डाली। सुनवाई के दौरान दिसंबर 2025 में फिर खारिज हो गयी। उसके बाद नोटिस दिए गए, मस्जिद हटाने के लिए मौखिक भी कहा गया, लेकिन नहीं हटाया। कोर्ट के अनुपालन में कार्रवाई की गयी। मौके पर कोई विरोध नहीं हुआ। ऐतिहातन पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी है।
