Lucknow News:बिजली दरों पर सुनवाई 9 से, स्मार्ट मीटर का खर्च उपभोक्ताओं पर डालने के प्रस्ताव का होगा विरोध

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: राज्य में बिजली की नई दरें तय करने के लिए नियामक आयोग 9 मार्च से सुनवाई शुरू करेगा। इस सुनवाई में स्मार्ट मीटर का खर्च उपभोक्ताओं से वसूलने के प्रस्ताव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस प्रस्ताव का विरोध करने की घोषणा की है।

परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना के लिए 18,885 करोड़ रुपये की मंजूरी देते समय साफ किया था कि मीटर की लागत उपभोक्ताओं से नहीं ली जाएगी। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन ने 27,342 करोड़ रुपये में टेंडर जारी किए हैं, जो स्वीकृत राशि से 8,457 करोड़ रुपये अधिक है।

परिषद का कहना है कि इस अतिरिक्त रकम का बोझ किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए। पावर कॉरपोरेशन के प्रस्ताव के खिलाफ आयोग में तथ्यात्मक विरोध पेश किए जाएंगे। परिषद अध्यक्ष ने यह भी कहा कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में परिवर्तित करना विद्युत अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।

उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई तरह की भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों और वास्तविक स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे सुनवाई के दौरान नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा उपभोक्ता परिषद बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के 50 हजार करोड़ रुपये बकाया होने का हवाला देते हुए बिजली दरों में कमी का प्रस्ताव भी दाखिल करेगी। परिषद का कहना है कि जब इतनी बड़ी राशि कंपनियों पर बकाया है तो दरों में वृद्धि के बजाय कमी पर विचार किया जाना चाहिए।

 

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