लखनऊ को मिली ट्रैफिक जाम से निजात की नई उम्मीद... रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आज करेंगे का उद्घाटन
लखनऊः राजधानी लखनऊ के निवासियों के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का दूसरा चरण आज लोकार्पित होने जा रहा है। इस भव्य समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।
यह नया 7 किलोमीटर लंबा मार्ग डालीगंज पुल से समतामूलक चौराहे तक फैला हुआ है, जिसकी लागत लगभग 250 करोड़ रुपये आई है। उद्घाटन के बाद डालीगंज, हनुमान सेतु, निशातगंज और समतामूलक जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को समय और ईंधन की बचत होगी।
परियोजना की झलकियां
- कुल परियोजना की अनुमानित लागत 7,000 करोड़ रुपये
- पूरी लंबाई: आईआईएम रोड से किसान पथ तक लगभग 25-28 किलोमीटर (गोमती नदी के दोनों किनारों पर)
- पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता: निर्माण के दौरान 166 पेड़ों को काटने के बजाय सुरक्षित स्थान पर ट्रांसप्लांट किया गया
- लाभ: यात्रा समय में कमी, प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की संभावनाएं
एलडीए के अधिकारियों के मुताबिक, यह कॉरिडोर शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को तेजी से जोड़ेगा। पहले चरण में आईआईएम रोड से डालीगंज तक का हिस्सा पहले से चालू है, जबकि दूसरे चरण के शुरू होने से गोमती नगर से पुरानी लखनऊ तक का सफर महज कुछ मिनटों में तय हो सकेगा।
आगे की योजना
अगले चरण में समतामूलक चौराहे से शहीद पथ तक करीब 10 किलोमीटर का विस्तार होगा, जिसके लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। इसके अलावा तीसरे चरण में पिपराघाट से शहीद पथ तक काम तेजी से चल रहा है, ताकि मानसून से पहले महत्वपूर्ण हिस्से पूरे हो जाएं।
ट्रैफिक में बदलाव
उद्घाटन समारोह के मद्देनजर आज कुछ इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। आईटी चौराहा, हनुमान सेतु, डालीगंज पुल, निशातगंज और फन मॉल से आरआर बंधा चौराहे के बीच कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों से अपील है कि वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
ग्रीन कॉरिडोर न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या का समाधान है, बल्कि पर्यावरण-अनुकूल विकास का प्रतीक भी बन रहा है। यह परियोजना लखनऊ को और अधिक सुगम, स्वच्छ और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
