Bareilly : बीडीए की करोड़ों की परियोजनाओं से चमकेगी ''नाथ नगरी''
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी माह शिलान्यास और लोकार्पण कर शहर को विकास की दे सकते हैं नई उड़ान
बरेली, अमृत विचार। प्रदेश के महानगरों में शुमार बरेली की सूरत पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए बीडीए ने शहर के कायाकल्प के लिए करोड़ों की परियोजनाओं के जरिये शहर को आधुनिक ग्लोबल हब बनाने का खाका तैयार कर लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना में प्रदेश की पहली स्व-विकसित औद्योगिक टाउनशिप और अत्याधुनिक ''स्पेस म्यूजियम'' (अंतरिक्ष संग्रहालय) आकर्षण के मुख्य केंद्र होंगे। आवासीय सुविधाएं, अत्याधुनिक मनोरंजन केंद्र समेत कई परियोजनाओं का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी माह शिलान्यास और लोकार्पण कर शहर को विकास की नई उड़ान दे सकते हैं।
बीडीए उपाध्यक्ष डाॅ. मनिकन्डन ए. ने बताया कि प्राधिकरण की सबसे बड़ी उपलब्धि 125 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होने वाली औद्योगिक टाउनशिप होगी। लगभग 2,800 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट न केवल बरेली बल्कि पूरे प्रदेश के लिए मॉडल बनेगा। इसके साथ ही, ''ग्रेटर बरेली'' आवासीय योजना में निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए सेक्टर-दस में 31 करोड़ से 500 एलआईजी और 28 करोड़ की लागत से 500 ईडब्ल्यूएस भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे आम आदमी का अपने घर का सपना साकार होगा। खास बात यह है कि प्राधिकरण ने विकास के इस रोडमैप में केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं खड़ा किया है, बल्कि पर्यटन और संस्कृति का भी विशेष ध्यान रखा गया है। रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर-आठ में 56 करोड़ से विशाल जल मनोरंजन उद्यान, 34 करोड़ से अत्याधुनिक ''स्पेस म्यूजियम'' और ग्रेटर बरेली के सेक्टर-सात में 30 करोड़ से ''नाथ पंथ म्यूजियम'' बनाया जाएगा, जो बरेली की सांस्कृतिक पहचान ''नाथ नगरी'' को वैश्विक पटल पर मजबूती प्रदान करेगा।
करोड़ों के कार्यों का होगा लोकार्पण
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान केवल शिलान्यास ही नहीं, बल्कि बनकर तैयार हो चुके विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया जाएगा। इसमें रामगंगा नगर के सेक्टर-दो में 46 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ''''रामायण वाटिका'''' आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। इसके अलावा, ग्रेटर बरेली के सेक्टर-पांच और छह में लगभग 48 करोड़ की लागत से तैयार आरसीसी ड्रेन, सीवर लाइन, इलेक्ट्रिक ट्रेंच और पार्कों का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से अधिकारियों के आवास के लिए 14 करोड़ और अन्य विकास कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है। फिलहाल, बीडीए उपाध्यक्ष और उनकी टीम मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में जुटी है। दावा किया जा रहा है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल शहर का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जो बरेली को आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बनाएंगे।

रामायण वाटिका : चमकेगा बरेली, प्रदेश में बनेगी नई मिसाल
रामगंगा नगर आवासीय योजना में बनी रामायण वाटिका से बरेली की पहचान प्रदेश स्तर पर और मजबूत होने जा रही है। धार्मिक और सांस्कृतिक थीम पर विकसित यह वाटिका अपने स्वरूप और अवधारणा के कारण प्रदेश में नई मिसाल बनेगी। 33 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित रामायण वाटिका के निर्माण पर लगभग 24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वाटिका को भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास काल की स्मृतियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। बीडीए उपाध्यक्ष डा. ए मनिकन्डन का कहना है कि यह वाटिका केवल एक पार्क नहीं बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थल के रूप में विकसित की गई है। उम्मीद है कि इसके शुरू होने के बाद शहरवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी आकर्षित होंगे।

लोकार्पण से पहले सौंदर्यीकरण के कार्य तेज
मुख्यमंत्री के संभावित दौरे और लोकार्पण कार्यक्रम से पहले बीडीए के अफसर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते है। रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 में निर्मित भव्य ''''रामायण वाटिका'''' के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए युद्ध स्तर पर सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है। वाटिका के चारों ओर इस रोड पर सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री-गार्ड्स पर विशेष रंगाई-पुताई का कार्य शुरू किया गया है, ताकि वे न केवल वृक्षों की रक्षा करें बल्कि मार्ग की दृश्य सुंदरता में भी चार चांद लगा सकें। इसके साथ ही, वाटिका के समीपवर्ती क्षेत्रों और फुटपाथों के किनारे रंग-बिरंगे फूलों के पौधे और आकर्षक लैंडस्केपिंग की जा रही है।
