संसद सत्र : LPG पर लोकसभा में गतिरोध बरकरार, विपक्ष ने लगाए 'मोदी जी, एलपीजी' के नारे... कार्यवाही स्थगित

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने देश में एलपीजी की किल्लत के विषय को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में हंगामा किया, जिसके कारण सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही जब एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। उन्होंने 'मोदी जी, एलपीजी' के नारे लगाए।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने शोर-शराबे के बीच आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा है कि सदन ठीक ढंग से चलना चाहिए, लेकिन ''कांग्रेस के नेता और उसके सांसद नहीं सुधर रहे हैं।''उन्होंने कहा, ''आज गैर-सरकारी कामकाज होना है। यह सरकार का कामकाज नहीं है, बल्कि सदस्यों का है। अगर कांग्रेस के नेता (राहुल गांधी) नहीं सुधर रहे हैं तो सांसद भी नहीं सुधर रहे हैं।''

रीजीजू ने दावा किया कि विपक्ष के नेता संसद परिसर में गिलास-थाली लेकर नाटक कर रहे हैं ताकि जनता का ध्यान आकर्षित कर सकें, लेकिन जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके ये लोग सत्ता में नहीं आ सकते।उन्होंने कहा, ''कांग्रेस में कोई नहीं बचा है तो इनके नेता को समझाए। इनके नेता के साथ कांग्रेस के सभी लोग बिगड़ गए हैं।'' संध्या राय ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ''सदन को चलने दीजिए। देश की जनता देख रही है। यह लोकतंत्र की मर्यादा के लिए ठीक नहीं है।'' हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर नौ मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, शुक्रवार सुबह 11 बजे भी कांग्रेस और विपक्ष के सदस्यों ने देश में एलपीजी गैस की कथित कमी के मुद्दे पर हंगामा किया जिसके कारण सदन की बैठक शुरू होने के करीब तीन मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान कांग्रेस के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर देश में एलपीजी गैस की कथित कमी का मुद्दा उठा रहे थे। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने की बात कहते सुना गया।

बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सदन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है और आज भी विपक्ष के आठ सांसदों के प्रश्न सूचीबद्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल में जहां देश के मुद्दे, क्षेत्रों की समस्याएं उठाई जाती हैं, वहीं सरकार की जवाबदेही भी तय होती है। लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ''आप कहते हैं कि बोलने का अवसर नहीं मिलता। जब आपको बात रखने का समय और अवसर दिया जाता है, तब आप बोलना नहीं चाहते, सदन में गतिरोध पैदा करना चाहते हैं जो संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।''

उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के बाद यदि सदस्य कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं तो उठा सकते हैं। बिरला ने यह भी कहा, ''एक और आग्रह कर रहा हूं कि संसद के अंदर हो या संसद परिसर में बाहर हो, उसकी पवित्रता, मर्यादा, प्रतिष्ठा बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। जिस तरह का आचरण और व्यवहार आप कर रहे हैं, उससे सदन की पवित्रता को समाप्त कर रहे हैं।'' जब विपक्ष के सांसदों ने अपने आठ साथियों के निलंबन का मुद्दा उठाया तो अध्यक्ष ने कहा, ''सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही कार्रवाई होगी। यह स्पष्ट है।'' हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने करीब तीन मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। 

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