Ramadan 2026: ईद का चांद निकलने के बाद वाजिब होता है फितरा, जानें क्या बोले मौलाना

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार। कार्यालय अयातुल्लाह अल उजमा सैयद सादिक हुसैनी शीराज़ी की ओर से जारी शिया हेल्पलाइन पर पूछे गये सवालों के जवाब मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी ने दिए।

एक रोजेदार ने पूछा कि अगर कोई व्यक्ति फितरा की रकम रमजान में अदा करे, तो क्या यह सही है? इसके जवाब में बताया गया कि फितरा चांद निकलने के बाद वाजिब होता है, इसलिए इसे 29 रमजान (चांद रात) को देना चाहिए।

हेल्पलाइन पर एक सवाल आया कि अगर कोई व्यक्ति ईद-उल-फितर की नमाज पढ़कर चला जाए और खुतबा न सुने, तो क्या हुक्म है? इसके जवाब में बताया गया कि उसकी नमाज सही है। ईद की नमाज का खुतबा सुनना जरूरी नहीं है, लेकिन सुना जाए तो बेहतर है।

एक रोजेदार ने सवाल किया कि क्या रोजेदार के लिए रोजे की हालत में खुशबू लगाना जायज है? इसके जवाब में बताया गया कि रोजे की हालत में खुशबू लगाई जा सकती है, जैसे सेंट, अत्तर आदि। इससे रोजा बातिल नहीं होगा और रोजा सही रहेगा।

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