Moradabaad : सुबह-शाम की ठंडक और दिन की गर्मी से बिगड़ रही सेहत, अस्पतालों में बढ़े मरीज

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम और एलर्जी के मामले बढ़े, डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की दी सलाह

मुरादाबाद, अमृत विचार। मार्च के दूसरे सप्ताह में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। दिन में धूप के कारण गर्माहट महसूस हो रही है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंडक बनी हुई है। तापमान में इस उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल समेत शहर के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और गले के संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों रोजाना 60 से अधिक नए मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार ओपीडी में आने वाले इन मरीजों में वायरल बुखार, गले में खराश, खांसी और एलर्जी की शिकायत मिल रही है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ युवाओं में भी संक्रमण के मामले बढ़े हैं। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी इसी तरह के मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।

क्यों बढ़ती हैं बीमारियां
जनरल फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह का कहना है कि दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडी हवा के कारण शरीर को बार-बार तापमान के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और वायरस तथा बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण के मामले अधिक सामने आते हैं।

ये हैं सामान्य लक्षण
इस मौसम में होने वाले वायरल संक्रमण के प्रमुख लक्षणों में बुखार, गले में खराश, खांसी, नाक बहना, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और कभी-कभी एलर्जी के कारण छींक आना शामिल है। छोटे बच्चों में भूख कम लगना और सुस्ती, चिड़चिड़ापन भी देखा जा रहा है।

बचाव के उपाय
सुबह और शाम के समय हल्के गर्म कपड़े पहनना, ठंडी चीजों और बासी भोजन से परहेज करना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना और नियमित रूप से हाथ साफ रखना भी संक्रमण से बचाव में मदद करता है। यदि बुखार, खांसी या गले में खराश जैसी समस्या दो-तीन दिन से अधिक बनी रहे तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

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