रामनगरी में उत्सव की तैयारियां तेज : 11 बजे राष्ट्रपति आगमन, करेंगी श्रीराम यंत्र की स्थापना, जानिए पूरा कार्यक्रम
सत्य प्रकाश/अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी में एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 19 मार्च को श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना होने जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वह पश्चिम दिशा में लगी लिफ्ट से राम मंदिर के द्वितीय तल पर पहुंचेंगी। वहां गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। इसके बाद राम दरबार और भूतल पर रामलला की आरती में शामिल होंगी।
राम मंदिर की परिधि में बने परकोटे के पश्चिम दिशा में मंदिर को जोड़ते हुए एक ब्रिज का निर्माण किया गया है, जिसमें दो लिफ्ट लगी हैं। 19 मार्च को राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना करने के लिए वह सुबह 11 बजे राम जन्मभूमि परिसर पहुंचेगी। लगभग तीन घंटे के अलग-अलग कार्यक्रम में शामिल होंगी। अतिथियों को संबोधित भी करेंगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर यह अत्यंत पवित्र दिवस है।
श्रीराम यंत्र दो वर्ष पूर्व कांची कामकोटि पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज ने एक शोभायात्रा के रूप में अयोध्या भेजा था। उसी समय से श्रीराम यंत्र की गर्भगृह में नित्य पूजा हो रही है। वर्तमान में यह श्रीराम यंत्र राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार के सम्मुख स्थित है। इसकी पूजा होती है। 18 मार्च को यह यंत्र द्वितीय तल पर पहुंच जाएगा। इस अवसर पर आध्यात्मिक शक्ति केरल की निवासी पूज्य माता अमृतानंदमयी अम्मा देवी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। वह अपने 1000 भक्तों को लेकर रिजर्व ट्रेन से अयोध्या पहुंच रही है। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेनपटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे।
सात हजार लोग कार्यक्रम में होंगे शामिल
राम मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने ने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के 300 प्रमुख संतों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा दोनों प्रदेश से मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 3500 कार्यकर्ता 18 मार्च को अयोध्या पहुंच जाएंगे। 19 मार्च को कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त मंदिर निर्माण का कार्य एलएंडटी की ओर से किया गया। टाटा इसके सलाहकार रहे। मंदिर के डिजाइन आर्किटेक्ट सोनपुरा का परिवार है। इस कार्य के लिए एलएंडटी ने लगभग 300 कंपनियों का सहयोग लिया है। ऐसे सभी कंपनियों से लोगों को आमंत्रित किया गया है। अनुमान है कि 7000 से अधिक लोग इस कार्यक्रम शामिल होंगे।
मोबाइल और अंगरक्षक के बिना अतिथियों को मिलेगा प्रवेश
श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में 19 मार्च को होने वाले कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों के लिए नियमावली लागू की गई है। ट्रस्ट के मुताबिक सिख समुदाय के लोगों को कानूनन अनुमन्य छोटी कृपाण रखने की अनुमति होती है। इसलिए अगर सिख धर्म के श्रद्धालु आते हैं तो उन्हें कृपाण ले जाने की अनुमति रहेगी। बाकी अन्य किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र और मोबाइल मन्दिर परिसर में नहीं ले जाए जा सकेंगे। न ही अंगरक्षकों का प्रवेश होगा। महासचिव चंपतराय ने कहा है कि सभी आमंत्रितों को नाम से प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे, जिस पर कोड नंबर होंगे। कार्यक्रम स्थल पर पानी व अन्य संसाधन का प्रबंध रहेगा। चूंकि यह चैत्र नवरात्र का पहला दिन है, इसलिए अतिथियों के लिए फलाहारी भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन सामान्य रूप से जारी रहेंगे।
