सीतापुर : ओलावृष्टि व बारिश से सरसों की फसल को भारी नुकसान, किसानों के उम्मीदों पर फिरा पानी
सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पश्चिमी विक्षोभ के असर से महमूदाबाद क्षेत्र सहित कई इलाकों में ओलावृष्टि और बारिश होने से किसानों की सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उपनिदेशक कृषि श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि जिले में लगभग 12,838 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती की गई है, जिसमें से करीब 3,288 हेक्टेयर में ही कटाई और मड़ाई हो पाई है।
महमूदाबाद क्षेत्र में ओलावृष्टि से तैयार फसल को काफी क्षति हुई है, जबकि मिश्रिख, लहरपुर, हरगांव, सिधौली और महोली क्षेत्रों में हुई बारिश से कटाई के बाद खेतों में पड़ी सरसों भीग गई है। किसानों के अनुसार यदि दो-तीन दिन में धूप नहीं निकली तो नुकसान और बढ़ सकता है, क्योंकि भीगी फसल सूखने पर फलियां चटकने से दाने झड़ने की आशंका है।
कृषि विज्ञान केंद्र, कटिया के वैज्ञानिक डॉ. दयाशंकर श्रीवास्तव ने किसानों को सलाह दी है कि भीगी हुई सरसों की फसल को सावधानीपूर्वक उठाकर खुले और सुरक्षित स्थान पर रखें, जिससे नुकसान कम किया जा सके।
उपनिदेशक कृषि ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन राजस्व और कृषि विभाग की टीमों द्वारा जल्द कराया जाएगा। वहीं किसानों ने बताया कि इस बार सरसों की फसल अच्छी थी, लेकिन अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
