पुरा महादेव बना देश का पहला ‘जीरो वेस्ट’ तीर्थ: फूल, दूध और प्लास्टिक तक का हुआ सम्मानजनक पुनः उपयोग
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश का पुरा महादेव मंदिर अब ‘जीरो वेस्ट’ तीर्थ पर्यटन के मॉडल के रूप में देशभर में पहचान बना रहा है। ‘बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024’ का सम्मान प्राप्त करने के बाद इस धार्मिक स्थल ने आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है।
प्रदेश सरकार की ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल के तहत महाशिवरात्रि पर यहां सफलतापूर्वक जीरो वेस्ट व्यवस्था लागू की गई, जिसमें मंदिर में चढ़ाई जाने वाली सामग्री और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह मॉडल पर्यटन, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ता है। इस पहल में पूजा सामग्री को कचरा नहीं, बल्कि संसाधन मानकर उसका पुनः उपयोग किया गया। इसमें 450 किलो से अधिक फूलों को प्रोसेस कर उपयोगी सामग्री बनाई गई। करीब 1 टन जैविक कचरे से खाद तैयार की गई, 700 किलो प्लास्टिक बोतलों को फाइबर फिल में बदला गया,2,500 से अधिक चप्पलों से मैट व अन्य उत्पाद बनाए गए, 4,563 लीटर दूध को पशु सेवा में उपयोग किया गया। बागपत जिला प्रशासन अब इस मॉडल को अन्य धार्मिक स्थलों पर लागू करने की तैयारी में है।
