Smart Meter: रिचार्ज के बाद देरी पर आयोग सख्त, 15 दिन में बिजली कंपनियों से रिपोर्ट तलब
तय समय में कनेक्शन न जुड़ने पर मुआवजे का प्रावधान
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने रिचार्ज के बावजूद समय पर बिजली कनेक्शन बहाल न होने को गंभीर मामला मानते हुए पावर कॉरपोरेशन समेत सभी बिजली कंपनियों से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
प्रदेश में करीब 78 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ता हैं, जिनमें लगभग 70 लाख प्रीपेड हैं। 13 मार्च से नई व्यवस्था लागू होने के बाद नेगेटिव बैलेंस पर कनेक्शन स्वतः काटे जा रहे हैं। नियम के मुताबिक रिचार्ज के तुरंत बाद, अधिकतम दो घंटे के भीतर कनेक्शन बहाल होना चाहिए, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने देरी की शिकायत की।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए आयोग में याचिका दाखिल की। आंकड़ों के अनुसार 13 से 18 मार्च के बीच 5.79 लाख से अधिक कनेक्शन काटे गए, जिनमें कई उपभोक्ताओं के रिचार्ज के बाद भी समय पर बिजली नहीं जुड़ी। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, तय समय से अधिक देरी होने पर उपभोक्ताओं को 50 रुपये प्रतिदिन मुआवजा मिलना चाहिए।
आयोग ने कंपनियों से यह भी ब्योरा मांगा है कि कितने कनेक्शन 30 मिनट और दो घंटे में बहाल हुए, कितनों ने मुआवजा मांगा और देरी के क्या कारण रहे। वर्तमान में उपभोक्ताओं पर करीब 1753 करोड़ रुपये का नेगेटिव बैलेंस दर्ज है।
