आईपीएल 2026 में श्रीलंकाई सितारों की एंट्री पर लग सकता है ब्रेक, NOC के लिए पास करना होगा फिटनेस टेस्ट

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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कोलंबोः श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी ने अपने खिलाड़ियों से कहा है कि फ्रैंचाइजी लीग में खेलने के लिए जरूरी नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) पाने के लिए उन्हें फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। एसएलसी की इस घोषणा का सीधा असर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल)2026 पर पड़ेगा, जहां अगले कुछ हफ्त्ज्ञै में वानिंदु हसरंगा (लखनऊ सुपर जायंट्स), नुवान तुषारा (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु), मथीशा पथिराना (कोलकाता नाइट राइडर्स) और ईशन मलिंगा (सनराइज़र्स हैदराबाद) जैसे खिलाड़ी पहुचने वाले हैं। दुष्मंथा चमीरा, पथुम निसांका (दोनों दिल्ली कैपिटल्स) और कामिंदु मेंडिस (सनराइजर्स) ने "फ़िज़िकल परफ़ॉर्मेंस टेस्ट" पास कर लिया है और उन्हें आईपीएल में खेलने की मंज़ूरी पहले ही मिल चुकी है।

बोर्ड ने कहा, "आईपीएल में हिस्सा लेने के लिए नुवान थुशारा की एनओसी की पात्रता, उनके फिजिकल परफॉर्मेंस टेस्ट के नतीजों पर निर्भर करेगी। वानिंदु हसरंगा, ईशान मलिंगा और मथीशा पथिराना, जिन्होंने आईपीएल 2026 में हिस्सा लेने के लिए एनओसी का अनुरोध किया है, उन्हें अभी फिजिकल परफॉर्मेंस टेस्ट से गुजरना बाकी है, क्योंकि वे अभी भी अपनी चोटों से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं।"

इन तीनों खिलाड़ियों को टी-20 विश्व कप से पहले या उसके दौरान चोट लगी थी। पथिराना आईपीएल सीजन की शुरुआत के मैच नहीं खेल पाएंगे, और उम्मीद है कि वे अप्रैल के बीच से ही उपलब्ध हो पाएंगे। फिटनेस पर यह नया ज़ोर, प्रमोदया विक्रमसिंघे की अगुवाई वाली नई राष्ट्रीय पुरुष चयन समिति और श्रीलंका सरकार के खेल मंत्रालय की पहल माना जा रहा है। चूंकि श्रीलंका को मई के आखिर तक कोई और पुरुष अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलना है, इसलिए इस समय को ट्रेनिंग के लिए एक खास समय के तौर पर चुना गया है। इस दौरान, राष्ट्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ी अपनी फिटनेस का स्तर बेहतर कर सकते हैं।

समझा जाता है कि इस फिजिकल परफॉर्मेंस टेस्ट में कई तरह के टेस्ट शामिल हैं, जिनमें दो किलोमीटर की दौड़ भी शामिल है। बोर्ड की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "अभी एसएलसी राष्ट्रीय अनुबंध वाले सभी खिलाड़ियों के लिए आठ हफ़्ते का एक खास फिजिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रहा है। इस पहल का मकसद, आने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों की तैयारी के लिए खिलाड़ियों की फिजिकल परफॉर्मेंस के स्तर को बेहतर बनाना है। इस प्रोग्राम के साथ-साथ, खिलाड़ी अनिवार्य फिजिकल परफॉर्मेंस टेस्ट भी दे रहे हैं। यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका पालन खिलाड़ियों की फिटनेस के स्तर को जांचने के लिए किया जाता है। केवल वही खिलाड़ी, जो फिजिकल परफॉर्मेंस टेस्ट के तय मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे, उन्हें ही चल रहे घरेलू टूर्नामेंट में खेलने की मंज़ूरी दी जाएगी। साथ ही, उन्हें आईपीएल 2026 में हिस्सा लेने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी दिया जाएगा।" इंडियन प्रीमियर लीग 28 मार्च से शुरु हो रही है। 

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