इमैनुएल मैक्रों ने की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत, कहा- 'क्षेत्रीय देशों पर हमले रोके ईरान'
पेरिसः फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की है। यह संवाद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के बीच हुआ, जहां ईरान और उसके समर्थित समूहों पर विभिन्न देशों पर हमलों के आरोप लग रहे हैं। मैक्रों ने एक्स पर इस बातचीत का विवरण साझा करते हुए ईरान से हमलों को तुरंत रोकने की अपील की।
मैक्रों ने क्या कहा?
मैक्रों ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने पेजेशकियान से आग्रह किया कि ईरान क्षेत्रीय देशों के खिलाफ सीधे या अपने प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे लेबनान और इराक में) के माध्यम से हो रहे अस्वीकार्य हमलों को तुरंत बंद करे। उन्होंने जोर दिया कि फ्रांस का रुख पूरी तरह रक्षात्मक है, जिसका मकसद अपने हितों, क्षेत्रीय सहयोगियों और नौवहन की स्वतंत्रता की सुरक्षा करना है। मैक्रों ने साफ कहा कि फ्रांस को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
उन्होंने क्षेत्र में अनियंत्रित हिंसा वृद्धि पर गहरी चिंता जताई और कहा कि यह स्थिति पूरे क्षेत्र को अराजकता की ओर धकेल रही है। इसके गंभीर परिणाम वर्तमान में दिख रहे हैं और भविष्य में भी प्रभाव डालेंगे। मैक्रों ने ईरान के लोगों सहित सभी को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
अटैक में हुई फ्रांसीसी सैनिक की मौत
यह बातचीत ऐसे वक्त में हुई जब इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र (एर्बिल के पास) में ईरान-डिजाइन किए गए ड्रोन हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक अर्नॉड फ्रियोन की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए। यह मध्य पूर्व संघर्ष शुरू होने के बाद पहला मामला है जिसमें कोई फ्रांसीसी सैनिक मारा गया। मैक्रों ने इस घटना का जिक्र कर ईरान को चेतावनी दी कि फ्रांस के हितों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट और अन्य मुद्दे पर चर्चा
मैक्रों ने होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने की मांग की, क्योंकि यह वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और कोई भी रुकावट ऊर्जा संकट पैदा कर सकती है। उन्होंने शांति के लिए एक नए राजनीतिक-सुरक्षा ढांचे की जरूरत बताई, जिसमें ईरान के परमाणु हथियार न हासिल करने की गारंटी, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों का समाधान शामिल हो।
इसके अलावा, मैक्रों ने ईरान में हिरासत में फ्रांसीसी नागरिकों सीसिल कोहलर और जाक पेरिस की रिहाई की मांग की और उन्हें जल्द सुरक्षित फ्रांस वापस भेजने का आग्रह किया।
फ्रांस की स्थिति
मैक्रों की अपील से स्पष्ट है कि फ्रांस क्षेत्र में स्थिरता चाहता है, लेकिन ईरान की गतिविधियों को बड़ा खतरा मानता है। ईरानी पक्ष ने बातचीत की पुष्टि की है, लेकिन विस्तृत प्रतिक्रिया अभी नहीं आई। ईरानी मीडिया के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
