राज्यसभा में गरमाया मुद्दा: रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल बंद? राघव चड्ढा ने उठाई आम आदमी की आवाज, मांगा सख्त नियम

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

नई दिल्लीः मोबाइल फोन का रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल भी बंद किये जाने का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में उठा और मोबाइल ऑपरेटरों की इस मनमानी पर रोक लगाये जाने तथा इनकमिंग कॉल की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की गयी।

इनकमिंग कॉल बंद करने का अधिकार किसने दिया? 

आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मोबाइल फोन आजकल लोगोंं की जीवनरेखा बन चुका है लेकिन मोबाइल ऑपरेटर रिचार्ज खत्म होने के साथ ही इनकमिंग कॉल भी बंद करते हैं जिससे फोन ठप हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से संचार के अधिकार को बंद करना जैसा है। उन्होंने मांग की कि सरकार को मोबाइल ऑपरेटरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए अंतिम रिचार्ज के बाद तीन साल तक इनकमिंग की सुविधा देने , केवल इनकमिंग कॉल के लिए सस्ता प्लान लाने , और बंद हो चुके सिम के नम्बर को तीन साल तक किसी और को आवंटित नहीं के लिए विशेष नियम बनाने चाहिए। सदस्य ने महीने के नाम पर केवल 28 दिन के रिचार्ज की व्यवस्था को भी बंद करने तथा इसे तीस दिन करने की मांग की। भाजपा के दिनेश शर्मा ने माता पिता के निधन पर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को सवैतनिक शोक अवकाश दिये जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कनाड़ा आदि देशों में इस तरह का अवकाश दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में माता पिता की सेवा को सर्वोपरि तथा अंतिम संस्कार करने को अनिवार्य धर्म बताया गया है। उन्होंने इसे संविधान के तहत मौलिक अधिकार बताते हुए कर्मचारी को अर्जित अवकाश से अलग अवकाश दिये जाने की मांग की। आम आदमी पार्टी के अशोक कुमार मित्तल ने विदेश ले जाने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी का मामला उठाया।

संविधान पाठ्यक्रम अनिवार्य करना चाहिए- रामजी लाल

उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में भारत के हजारों लोग बंधक का जीवन जी रहे हैं। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए स्थायी ग्लोबल प्रोटोकाल बनाये जाने की मांग की। समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन ने स्कूली पाठ्यक्रम में संविधान को अनिवार्य विषय के रूप में पढाये जाने की मांग की। कांग्रेस के नीरज डांगी ने मैदानों में रैलियों तथा अन्य कार्यक्रमों में अस्थायी ढांचों के निर्माण पर होने वाले भारी भरकम खर्च पर रोक लगाने के लिए इनमें स्थायी संरचना बनाये जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इससे सरकारी धन की बचत होगी और कार्यक्रमों का प्रबंधन भी अच्छा रहेगा। यह जगह जनहित के सभी सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में काम में लायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए नीतिगत योजना के तहत बहुउद्देशीय स्थल बनाये जाने चाहिए जिससे कि संसाधनों की बर्बादी को रोका जा सके। अन्ना द्रमुक के तंबी दुरै ने राजधानी के सरदार पटेल मार्ग पर जाम का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस सड़क पर होटलों ने अतिक्रमण किया हुआ है जिसे हटाकर इस सड़क को चौड़ा किये जाने की जरूरत है। बीजू जनता दल की सुलता देव ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढाये जाने की मांग की।

संबंधित समाचार