Moradabad: निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम नहीं, महंगी किताबों से अभिभावक परेशान
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में निजी स्कूलों की मनमानी एक बार फिर अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बनती नजर आ रही है। एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही स्कूलों ने अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों की सूची थमा दी है। जिससे अभिभावक परेशान हैं।
दूसरी ओर शहर की स्टेशनरी दुकानों पर एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों की भारी कमी बनी हुई है। अभिभावक सस्ती और निर्धारित पाठ्यक्रम की किताबें तलाश रहे हैं, लेकिन उपलब्धता न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि एनसीईआरटी आधारित किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए पहले ही संबंधित संस्थानों को पत्र भेजा जा चुका है। साथ ही, शहर के निजी स्कूलों से नए सत्र में लागू की जाने वाली पुस्तकों की सूची भी मांगी गई है।
उन्होंने बताया कि कि सूची में यह उल्लेख होना जरूरी है कि कौन-कौन सी पुस्तकें एनसीईआरटी की होंगी और कौन सी निजी प्रकाशकों की। यदि किसी विद्यालय द्वारा सूची में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या नियमों का उल्लंघन किया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
