बाराबंकी : पूर्व मंत्री मोहसिना के निधन से शोक की लहर
मसौली, बाराबंकी, अमृत विचार : कस्बा बड़ागांव में जन्मी, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री मोहसिना किदवई के निधन से क्षेत्र शोक में डूब गया। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में कांग्रेस नेता ने अंतिम सांस ली। यह खबर सुनकर गांव वासियों, राजनीतिक दलों व शुभचिंतकों ने अपार दुख जताया। वर्ष 1932 में जन्मी मोहसिना किदवई वर्तमान में 93 साल की थीं। बड़ागांव में जन्म लेकर युवा होने पर वह कांग्रेस के रंग में ऐसा रंगीं कि आखिरी समय भी इस पार्टी में बीता।
बाराबंकी से उनका खासा लगाव रहा, वह जब तक आकर पार्टी नेताओं व पुराने चेहरों से जरूर मिलती थीं। बता दें कि वह मेरठ की पहली और अब तक की अकेली महिला सांसद थीं। उन्होंने 1980 और 1984 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। 1980 में उन्होंने जनता पार्टी (सेक्युलर) के हरीश पाल को 57,217 वोटों से हराया, जबकि 1984 में लोकदल के मंजूर अहमद को 96,518 वोटों से पराजित किया।
कांग्रेस की कद्दावर नेताओं में शुमार मोहसिना ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। मोहसिना का राजनीतिक जीवन लंबा और प्रभावशाली रहा। प्रदेश स्तर से अपनी राजनीति की शुरुआत कर राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बनाई। वह 2004 से 2010 और 2010 से 2016 तक राज्यसभा की सदस्य भी रहीं।
