Varun Vihar Yojana: लखनऊ में घर लेना चाहते हैं तो देखिए-एलडीए ला रहा है वरुण विहार योजना
करीब 2270 हेक्टेयर में विकसित की जा रही है वरुण विहार योजना, एलडीए की बैठक में मंथन
लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे स्थित वरुण विहार योजना को जून में लांच करेगा। पहले चरण में कैलाश और काशी नाम से खंड विकसित करके 2100 भूखंडों की बिक्री के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। इसी तरह नैमिष नगर योजना सितंबर में लांच की जाएगी। मंडलायुक्त/एलडीए अध्यक्ष विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने यह जानकारी दी।
उपाध्यक्ष ने 2270 हेक्टेयर में विकसित की जा रही वरुण विहार योजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अवगत कराया कि सदर व सरोजनी नगर तहसील के ग्राम भलिया, आदमपुर इन्दवारा, बहरू, जलियामऊ एवं मदारपुर, इब्राहिमगंज, नकटौरा, गहलवारा, तेजकृष्ण खेड़ा, रेवरी, सकरा एवं दोना की भूमि किसानों से सहमति के आधार पर खरीद रहे हैं। अब तक 1300 किसानों से 330 हेक्टेयर से अधिक भूमि खरीद कर 1160 करोड़ रुपये भुगतान किया है। 853 हेक्टेयर भूमि के सहमति पत्र प्राप्त हुए हैं। स्थल पर काम तेज कर दिया है। मंडलायुक्त ने समीक्षा करके राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि के दाखिल खारिज आदि की कार्यवाही शीर्ष प्राथमिकता पर करें। इससे आम लोगों को जल्द बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सके।
बैठक में सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम रहे।
भूमि मुद्रीकरण के प्रस्ताव पर चर्चा, नगर निगम करेगा परीक्षण
बैठक में भूमि मुद्रीकरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसमें 1090 चौराहा, ऐशबाग, हरिहरपुर एवं जानकीपुरम योजना के पास अतरौली में स्थित नगर निगम के स्वामित्व वाली भूमि के मुद्रीकरण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। उपाध्यक्ष ने बताया कि भूमि प्राइम लोकेशन पर हैं और आवासीय एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए काफी उपयोगी होंगी। मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को प्रस्ताव का परीक्षण कराने के निर्देश दिये। कहा कि सक्षम स्तर से सहमति प्राप्त करके प्रस्ताव को जनहित में आगे बढ़ाया जा सकता है।
निजी टाउनशिप की सुविधाओं का थर्ड पार्टी करेगी ऑडिट
शहर में निजी विकासकर्ताओं द्वारा विकसित की जा रही टाउनशिप में सार्वजनिक सुविधाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट होगा। इससे कि यह सुनिश्चित होगा कि विकासकर्ताओं ने मौके पर स्वीकृत डीपीआर के अनुसार एसटीपी, पार्क, विद्युत उपकेंद्र आदि विकास कार्य कराये हैं या नहीं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिये कि दिल्ली, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट को इसके लिए अधिकृत करते हुए थर्ड पार्टी ऑडिट की कार्रवाई कराई जाए।
आवंटियों के लिए लगेगा विशेष रजिस्ट्री कैम्प
मंडलायुक्त ने प्राधिकरण की अनिबंधित सम्पत्तियों की भी समीक्षा की। बहुमंजिला आवासीय योजनाओं की समीक्षा में पाया कि कुल 19,230 फ्लैट निर्मित हैं। इनमें से 18,953 फ्लैट आवंटित हैं। 2,930 फ्लैट की रजिस्ट्री अभी नहीं हुई है। इसी तरह विभिन्न योजनाओं में आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंडों की रजिस्ट्री लंबित है। आवंटियों की सुविधा के लिए विशेष कैम्प लगाकर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिये। समीक्षा में पाया कि वजीर हसन रोड पर कई वर्ष पूर्व निर्मित बहुमंजिला अपार्टमेंट जर्जर अवस्था में है, जिसके फ्लैट रिक्त हैं। अपार्टमेंट का री-डेवलपमेंट कराने के भी निर्देश दिये।
