मथुरा नौका हादसा : सन्नाटे में डूबा लुधियाना का जगराओं, नम आंखों से अपने प्रियजनों को निहारते लोग, जानिए क्या कुछ कहा...
लुधियाना। सन्नाटे में डूबा जगराओं, बंद पड़े बाजार और सड़कों किनारे टकटकी लगाए खड़े लोग- जिनकी नजरें बस एक ही दिशा में टिकी थीं। वृंदावन गए अपने जिन प्रियजनों को वे सकुशल लौटते देखने निकले थे, अब उनके निर्जीव शरीरों के लौटने की खबर ने पूरे शहर को भीतर तक तोड़ दिया। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर पंजाब के पर्यटकों की नौका के यमुना नदी में पलट जाने से 11 लोगों की जान चली गई, 22 घायल हो गए और चार अब भी लापता हैं।
मृतकों में अधिकतर लुधियाना जिले के जगराओं और दुगरी इलाकों के रहने वाले थे, जिनके घरों में अब सिर्फ इंतजार और सन्नाटा बचा है। अधिकारियों के अनुसार ये सभी लोग करीब 120 श्रद्धालुओं के उस जत्थे का हिस्सा थे, जो नौ अप्रैल को दो बसों में सवार होकर चार दिन की वृंदावन यात्रा पर निकले थे। सामूहिक शोक और श्रद्धांजलि देने के लिए जगराओं के सभी बाजार अंतिम संस्कार होने तक बंद रहेंगे।
दुकानदारों का कहना है कि जब अपने ही लोग बांके बिहारी के 'प्रसाद' के साथ लौटने के बजाय ताबूतों में लौटे हों, तो इस शहर में कारोबार कैसे हो सकता है।" एक मृतक के रिश्तेदार नसीब चंद बात करते-करते फफक पड़े। उन्होंने कहा, "हमने उन्हें 'दर्शन' के लिए भेजा था, इस तरह लौटने के लिए नहीं। किसने सोचा था कि 'पुण्य' की यह यात्रा इतना गहरा दुख दे जाएगी? उनके सकुशल लौटने की आस में हमने घरों में दीये जलाए थे, अब उन्हीं के लिए चिताएं जलानी पड़ेंगी।"
शनिवार सुबह वृंदावन से लुधियाना के दुगरी इलाके में राकेश गुलाटी, उनकी पत्नी अंजू गुलाटी और मीनू बंसल के शव लाए गए। शव उनके परिजनों को सौंपे गए, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। एक परिजन ने बताया कि मीनू बंसल का शव तो लाया गया है, लेकिन उनकी बेटी डिंकी बंसल के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। आत्मनगर से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने बताया कि अब तक कुल तीन शव लाए गए हैं और उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, और शव जल्द ही वृंदावन से अलग-अलग एंबुलेंसों के जरिए पहुंचाए जा रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के जगराओं में अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है। अपनों को अंतिम विदाई देने के इंतजार में परिवारजन, पड़ोसी और श्री बांके बिहारी क्लब के सदस्य सड़कों किनारे जमा हैं। हादसे में जान गंवाने वाले ईशान कटारिया के परिजन पवन कुमार कटारिया ने बताया कि सभी लोग बृहस्पतिवार शाम दो बसों में सवार होकर वृंदावन के लिए निकले थे और पूरे रास्ते खुशी का माहौल था।
नम आंखों से पवन ने कहा, ''किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। नौका में बैठे सभी लोग भजन-कीर्तन कर रहे थे… और अचानक यह हादसा हो गया।" उन्होंने बताया कि 25 वर्षीय ईशान अविवाहित था। एक पड़ोसी ने कहा कि इस त्रासदी से पूरा इलाका सदमे में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नौका में सवार श्रद्धालु 'राधे-राधे' का जाप करते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो हादसे से ठीक पहले का है। लुधियाना प्रशासन ने शुक्रवार को जगराओं और लुधियाना में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। लुधियाना के उपायुक्त हिमांशु जैन ने बताया कि पंजाब के अधिकारी वृंदावन प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और इस हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश जिले के दुगरी और जगराओं इलाकों के निवासी थे।
