यूपी पुलिस को मिलेंगी 491 वीरांगनाएं, वाराणसी में सीख रहीं पुलिसिंग के गुर

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Published By Deepak Mishra
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वाराणसी। महादेव की नगरी काशी की पुलिस लाइन में 491 महिला आरक्षी कठोर प्रशिक्षण ले रही हैं। इन चयनित बहादुर बेटियों के कंधों पर अब कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व होगा। वाराणसी पुलिस लाइन में महिला कांस्टेबलों का नौ महीने का कठोर प्रशिक्षण पूरा होने वाला है। 

20 अप्रैल को पासिंग आउट परेड के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को वाराणसी आरटीसी में प्रशिक्षित 491 महिला आरक्षी और मिल जाएंगी। मिशन शक्ति अभियान के तहत ये नारी शक्ति न केवल अपराधियों के छक्के छुड़ाएंगी, बल्कि समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगी। 

सरकार प्रशिक्षु महिला आरक्षियों को रहने-खाने की बेहतर व्यवस्था के साथ-साथ इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। योगी सरकार की निष्पक्ष भर्ती नीति के तहत पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं को भी पुलिस सेवा में अवसर मिला है। पिंक बूथ और हेल्पलाइन नंबर 1090 जैसी सुविधाओं के साथ अब ये प्रशिक्षित महिला कांस्टेबल ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगी। 

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि प्रशिक्षु महिला आरक्षियों को शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ पुलिसिंग के सभी आवश्यक गुण सिखाए गए हैं। इनमें सोशल पुलिसिंग, आधुनिक तकनीक से होने वाले अपराधों की रोकथाम, हथियार संचालन, साइबर क्राइम, फॉरेंसिक साइंस, फॉरेंसिक मेडिसिन, भारतीय पुलिस का इतिहास (यूपी के संदर्भ में), पुलिस संगठन, अंतर-विभागीय समन्वय, पुलिस कार्यप्रणाली एवं अनुशासन, अपराध शास्त्र एवं अपराध नियंत्रण, महिला पुलिस की भूमिका, महिला पुलिस कर्मियों से व्यवहार, पुलिस कार्य में नैतिकता और जवाबदेही आदि विषय शामिल हैं। 

इसके अलावा आरक्षियों को श्रमदान, योगासन, खेलकूद, वर्दी पहनने का तरीका, पदवार अधिकारियों की वर्दी पहचानना और सैल्यूट करने की सही विधि भी सिखाई जा रही है। प्रशिक्षु महिला आरक्षी पुलिस लाइन के 12 मंजिला भवन और अन्य बैरकों में रह रही हैं, जहां बंक बेड, आरओ वाटर कूलर, कैंटीन, कूलर और पौष्टिक भोजन के लिए मेस की व्यवस्था है। पुलिस लाइन में बैंक के एटीएम भी उपलब्ध हैं। 

अपर पुलिस उपायुक्त/सहायक पुलिस आयुक्त पुलिस लाइन डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान महिला कांस्टेबलों को सॉफ्ट स्किल्स, दंगा नियंत्रण, शस्त्र चलाने और कानून की बारीकियों आदि में दक्ष बनाया गया है। उनकी परीक्षाएं चल रही हैं। 20 अप्रैल को पासिंग आउट परेड होगा, इसके बाद सभी प्रशिक्षु पूर्ण रूप से आरक्षी बनकर सेवा में लग जाएंगी। 

प्रशिक्षु महिला आरक्षी नीतू गौतम ने कहा, "पुलिस की वर्दी में मिशन शक्ति की सिपाही बनकर हम हर महिला को सुरक्षित महसूस कराएंगी। योगी जी की सरकार ने हमें यह अवसर दिया है, अब हम समाज की सेवा और सुरक्षा में पूरा योगदान देंगी।" कविता यादव ने बताया, "हम केवल पुलिस कर्मी नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की प्रतिनिधि बनना चाहती हैं। महिला आरक्षी कानून की रक्षा के साथ-साथ महिलाओं की आवाज भी बनेंगी और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को समाज के हर तबके तक पहुंचाएंगी।" 

सोनाली ने बताया, "मैं प्रयागराज के फूलपुर की मुंशी बुजुर्ग गांव की पहली बेटी हूं, जो पुलिस विभाग में भर्ती हुई हूं। अब गांव की अन्य बेटियां भी पुलिस भर्ती प्रक्रिया के बारे में पूछताछ कर रही हैं। पारदर्शी भर्ती ने हमें अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका दिया है।"

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