गैरहाजिर IAS समीर वर्मा पर कसा शिकंजाः ज्वाइन न करने पर विभागीय जांच शुरू, अनिल गर्ग बने जांच अधिकारी
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में उस समय हलचल मच गई, जब वर्ष 2002 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई। मामला उनकी लंबे समय से अनधिकृत अनुपस्थिति से जुड़ा है, जिसने शासन के भीतर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, समीर वर्मा को 8 अक्टूबर 2025 को नियोजन विभाग में सचिव पद पर तैनाती दी गई थी, लेकिन उन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया। कई महीनों तक उनकी गैरहाजिरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसके बाद शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दे दिए। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए प्रमुख सचिव (सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग) अनिल गर्ग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, समीर वर्मा ने स्टडी लीव के लिए आवेदन किया था, लेकिन नियुक्ति विभाग ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके बावजूद वे ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे और लगातार अनुपस्थित रहे। विभागीय जांच के नतीजे आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहे समीर वर्मा
गौरतलब है कि समीर वर्मा का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। जून 2025 में स्टांप एवं पंजीयन विभाग में तबादलों में कथित गड़बड़ियों के मामले में उनका नाम सामने आया था। उस समय वे आईजी स्टांप के पद पर तैनात थे। मामला सामने आने के बाद 19 जून को उन्हें पद से हटा दिया गया था और प्रतीक्षारत रखा गया था। बाद में अक्टूबर में नई तैनाती दी गई, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया।
