लखनऊ में आयकर अधिकारियों,कर्मचारियों का प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर जताया विरोध

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में आयकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को दोपहर अवकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केंद्रीय संयुक्त कार्य परिषद (जेसीए) के आह्वान पर प्रत्यक्ष कर भवन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया। यह आंदोलन 14 अप्रैल-26 को कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र और 6 अप्रैल को वित्त मंत्रालय के राजस्व सचिव को सौंपे गए ज्ञापन के समर्थन में किया गया। 

जेसीए ने इन पत्रों में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को जोरदार ढंग से उठाया। इनमें 1 जनवरी-26 से देय महंगाई भत्ता, महंगाई राहत की घोषणा, संवर्ग समीक्षा और पुनर्गठन को अंतिम रूप देना, भर्ती नियमों में संशोधन, अंतर-क्षेत्रीय स्थानांतरण नीति की बहाली, आईटीबीए में कार्यों का संतुलित आवंटन, सभी कर्मचारियों को लैपटॉप मुहैया कराने के साथ अनावश्यक रिर्पोटिंग प्रणाली को समाप्त करना शामिल है।

सभा को संबोधित करते हुए आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के महासचिव जेपी सिंह ने कहा कि यह आंदोलन अभी शुरुआती चरण में है और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसे और तेज किया जाएगा। वहीं कर्मचारी महासंघ के सर्किल महासचिव संतोष मिश्रा ने चेतावनी दी कि 16 अप्रैल से 13 मई तक प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन शाखा सचिव अनुपम मिश्रा ने किया।

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