सहकारी बैंकिंग में तकनीकी क्रांति, BSCB बना आधुनिक बैंकिंग का नया मॉडल
पटनाः बिहार राज्य सहकारी बैंक (बीएससीबी) ने राज्य के सहकारी बैंकिंग तंत्र को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। बैंक ने अत्याधुनिक फिनाकल 10.25 प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक माइग्रेशन पूर्ण कर लिया गया है। इसके बाद यह देश के अग्रणी वाणिज्यिक बैंकों के समकक्ष तकनीकी क्षमता प्राप्त कर चुका है।
विशेष रूप से, यह माइग्रेशन शून्य माइग्रेशन बैलेंस के साथ अत्यंत सुव्यवस्थित एवं निर्बाध रूप से संपन्न किया गया है जो बैंक की तकनीकी दक्षता एवं सुनियोजित कार्यप्रणाली को बताता है। इस व्यापक तकनीकी अपग्रेड के बाद राज्य के सभी ग्राहकों तथा जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के खातों को एकीकृत करते हुए प्रत्येक ग्राहक को यूनिक खाता संख्या प्रदान की गई है। इससे बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता, सटीकता एवं सुगमता सुनिश्चित होगी, जो भविष्य में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार का माध्यम बनेगा। बैंकिंग संचालन में एकरूपता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनरल लेजर कोड एवं ट्रायल बैलेंस का व्यापक मानकीकरण किया गया है। इससे लेखा प्रणाली अधिक सुदृढ़, त्रुटिरहित एवं ऑडिट के अनुकूल बनी है, जिससे वित्तीय प्रबंधन में गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता में वृद्धि होगी।
इसके अतिरिक्त बैंक की तरफ से आधुनिक तकनीकी समाधानों को अपनाते हुए एचआरएमएस, एएमएल सॉल्यूशन, लोन मैनेजमेंट सिस्टम, जीएसटी मॉड्यूल तथा आईसीसीसी जैसे अत्याधुनिक एप्लिकेशन का सफल परीक्षण कर उन्हें पूरी तरह से क्रियाशील कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इन प्रणालियों के माध्यम से मानव संसाधन प्रबंधन, वित्तीय निगरानी, ऋण वितरण एवं अनुश्रवण, कर अनुपालन तथा संचालन नियंत्रण जैसे कार्यों में दक्षता एवं पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बिहार राज्य सहकारी बैंक की यह उपलब्धि राज्य के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार करेगी तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
