नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक: गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़ और पथराव से बिगड़े हालात
अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत मजदूर-कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। सड़कों पर उतरे श्रमिकों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ से लेकर आगजनी तक की घटनाओं को अंजाम दे डाला। नोएडा से लेकर गाजियाबाद तक भयंकर जाम के हालात हैं। उधर, कर्मचारियों के आक्रामक रुख से कंपनी-फैक्ट्रीज में हड़कंप मचा है।
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कर्मचारी और श्रमिक वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले कई दिनों से जारी ये आंदोलन हिंसा में बदल गया। गुरुग्राम से शुरू ये विरोध नोएडा औद्योगिक क्षेत्र तक फैल गया। हालांकि गुरुग्राम में न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी के बाद अब नोएडा में कर्मचारी मजदूरी बढ़ाने पर अड़े हैं।
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सोमवार को हालात तब बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारी समूहों ने फैक्ट्रियों के बाहर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। नोएडा सेक्टर 62 स्थित मदरसन ग्रुप की फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने जमकर हंगामा काटा। गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। कई वाहनों में आग लगा दी गई।
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उग्र प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास करने पर उन्होंने पुलिस पर भी पथराव किया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि इस बार उनकी वेतन बढ़ोतरी मात्र ढाई सौ से तीन सौ रुपये की गई है, जो महंगाई के मुकाबले काफी कम है।
उनकी मांग है कि न्यूनतम वेतन 18 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। मजदूरों का आरोप है कि वर्तमान में नोएडा की फैक्ट्रियों में औसत वेतन 10-15 हजार रुपये के बीच है। जिसमें गुजर-बसर करना मुश्किल है।
वहीं, एनसीआर क्षेत्र में निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को लगभग 700 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जो महीने में करीब 21 हजार रुपये के बराबर होता है। जानकारी के मुताबिक, हजारों की संख्या में कर्मचारी पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन आज स्थिति अचानक बेकाबू हो गई।
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कई औद्योगिक क्षेत्रों में कंपनियों के बाहर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नोएडा जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र में इस तरह के हिंसक प्रदर्शन से औद्योगिक शांति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन अब मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। हरिशंकर उप्रेती
हालात को देखते हुए पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी कर्मचारियों को शांत करने में जुटे हैं। नोएडा डीएम पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि इस संबंध में कंपनीज के साथ बैठकें चल रही हैं। उन्होंने कई बिंदुओं का पालन कराने के संबंध में निर्देश भी जारी किए हैं। लेकिन कर्मचारी वेतन बढ़ोत्तरी से कम पर हटने को तैयार नहीं है।
स्थितियां लगातार अनियंत्रित होती जा रही हैं। इसके कारण नोएडा से लेकर गाजियाबाद तक भयंकर जाम देखा जा रहा है।
