'अप्रैल में ही हुए बड़े अग्निकांड, कई की जा चुकी है जान', लखनऊ के इन इलाकों में सबसे ज्यादा तबाही, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृ़त विचार। शहर में एक दशक में झुग्गी बस्तियों में अप्रैल में सबसे अधिक अग्निकांड हुए हैं। जोन वार देखा जाए तो पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी जोन में सर्वाधिक घटनाएं हुई। वहीं, विभूतिखंड, इंदिरानगर और विकासनगर में गृहस्थी जलने के साथ कई जानें जा चुकी हैं। इसके बाद भी पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने बचाव के कोई खास उपाय नहीं किये। न ही बिना अनुमति के झुग्गी बस्ती बसाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। पिछले से कृष्णानगर के केशरीखेड़ा में हुए अग्निकांड में पहली बार भूखंड स्वामी और किराए पर झुग्गी बस्ती बसाने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई ।

अग्निशमन विभाग भी मानता है कि मार्च, अप्रैल, मई में सर्वाधिक अग्निकांड होते है। इसके लिए वह पूरी तैयारी करता है। इसके बाद भी अप्रैल में सबसे अधिक अग्निकांड हो रहे हैं। पिछले वर्ष एक सप्ताह में चार स्थानों झुग्गी बस्ती में आग लगी थी। 22 अप्रैल को कृष्णानगर के केशरीखेड़ा में दो सौ झुग्गी जलकर राख हो गई। दो दिन बाद 24 अप्रैल को सआदतगंज थाने के पीछे डेढ़ सौ झुग्गी जली, 25 अप्रैल को बाजारखाला ऐशबाग एलडीए कॉलोनी की झुग्गी बस्ती में आग लगी 40 झोपड़ी जलकर राख हुई। वहीं, 28 अप्रैल को मड़ियांव के फैजुल्लागंज में मंदिर के पास झुग्गी बस्ती में आग लग गई। सौ से अधिक झोपड़ियां जल गई। इन बस्तियों में भी ताबड़तोड़ रसोई गैस सिलिंडर धमाके के साथ फटे थे। पूरा इलाका दहल गया, तीन लोग झुलस गये थे।

झुग्गी बस्ती की राख पर बन गये व्यावसायिक भवन

विभूतिखंड के बेहननपुरवा की झुग्गी बस्ती में 16 अप्रैल 2018 की दोपहर अचानक आग लग गई। हादसे में सौ से अधिक झोपड़ी जलकर राख हो गये। आग की चपेट में आने से तीन वर्षीय मासूम जिंदा जल गया। आग पर काबू पाया गया। पर, दोबारा मजदूरों को बसने का स्थान नहीं दिया गया। वहां पर डेढ़ वर्ष बाद पांच से छह मंजिल के व्यावसायिक भवन बनकर तैयार हो गये। पुलिस ने गैस रिफिलिंग के दौरान आग लगने का कारण बताते हुए एक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया था।

कुछ और अग्निकांड:

- 18 दिसंबर 2017: आलमबाग स्थित श्रम विहार कालोनी में रेलवे की जमीन पर बसी झुग्गी बस्ती में लगी आग। हादसे में 15 से अधिक जानवर जलकर मर गये। वहीं, आठ परिवार को सुरक्षित निकाला गया। हादसे में 500 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हुई।

- 15 अप्रैल 2019: ठाकुरगंज के मोहिनीपुरवा में झुग्गी बस्ती में आग लगी। 24 सिलिंडर धमाके के साथ फटे, 28 झोपड़ियां, एक स्कूटी, बाइक और 20 साइकिल राख।

- 12 अक्टूबर 2020: ऐशबाग झुग्गी बस्ती में लगी आग। यहां पर लोग 40 साल से रह रहे थे। 400 से अधिक परिवार बेघर हो गया।

- 21 दिसंबर 2022: विकासनगर झुग्गी बस्ती में लगी आग। हादसे में दो बच्चियों समेत तीन लोग झुलस गये। करीब 35 झोपड़ियां जलकर राख हुई।

- 7 नवंबर 2019: विभूतिखंड के डिवाइन हॉस्पिटल के पास स्थित झुग्गी बस्ती में लगी आग। हादसे में 25 से अधिक झोपड़ी राख हो गई।

ये भी पढ़ें : 
धार्मिक पर्यटन के लिए करोड़ों की परियोजनाएं स्वीकृत: नैमिषारण्य-दधीचि तीर्थ के साथ औरैया-अमरोहा में मिलेगी पर्यटन को रफ्तार

संबंधित समाचार