कानपुर : मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया या बेचा तो 5000 जुर्माना, 6 माह की जेल
हूटर, प्रेशर हार्न लगवाने वाले वाहन स्वामियों की भी मुसीबत बढ़ी
कानपुर, अमृत विचार। जनता पर रौब गांठने के लिए अपने वाहन को मॉडिफाइड कराने और करने वाले वाहन स्वामियों व गैराज के खिलाफ कार्रवाई शुरु की गई है। जिसकी पहल शहर के मोटर गैराज चलाने वालों से की है। किसी भी वर्कशाप ने वाहन को मॉडिफाइड करने की कोशिश की या इस प्रकार की कोई सामग्री बेची तो ऐसे गैराज पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को संभागीय परिवहन कार्यालय कानपुर नगर में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न एवं हूटर के संबंध में गैराज, वर्कशॉप संचालक एवं वाहन विक्रेता डीलर्स के साथ बैठक हुई जिसमें उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के निर्देश के अनुपालनार्थ निर्देशित किया गया कि किसी भी प्रकार से दोपहिया वाहनों में साइलेंसर को मॉडिफाई कर पटाखा छोड़ने वाला ना बनाया जाए साथ ही साथ हूटर एवं प्रेशर हॉर्न न लगाया जाए यदि सर्विस के लिए वाहन आते हैं तो ऐसे वाहनों को पहले मानक में लाया जाए, उसके बाद वाहन को ठीक किया जाए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने कहा कि जिन वाहन स्वामियों द्वारा अपने मोटरयान में अनधिकृत अल्ट्रेशन करते हुए ऐसा परिवर्तन किया जाता है, तो उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (4) के अंतर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। 182ए (4) के तहत सम्बन्धित वाहन स्वामी को ऐसी अवधि के कारावास से जो छह माह तक की हो सकेगी, अथवा ऐसे प्रत्येक परिवर्तन के लिए पांच हजार रुपये तक के जुमनि से अथवा दोनों से दडिंत किया जा सकता है।
जो कोई व्यक्ति किसी सार्वजानिक स्थान में ऐसा मोटर यान चलाएगा, अथवा चलाने देगा जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियत्रंण एवं बायु प्रदूषण के सम्बन्ध में विहित मानकों का उल्लंघन होता हैं, उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के अंतर्गत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
धारा 190 (2) के तहत सम्बन्धित व्यक्ति प्रथम अपराध के लिए तीन माह तक के कारावास अथवा दस हजार रूपये तक के जुमनि अथवा दोनों से वर्डनीय होगा और तीन माह की अवधि के लिए अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) धारण करने हेतु निरहिंत हो जाएगा।
वाहन स्वामी का ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त होगा
यदि कोई वाहन चला रहा है या चलवा रहा है, वह व्यक्ति उक्त जुर्माने का दायी होने के साथ-साथ उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिये अयोग्य कर दिया जायेगा। जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर / ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण लगे पाए जाते है तथा जिनका चालान किया गया है, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 53 (1) के अर्न्तगत पंजीयन प्रमाण-पत्र के निलम्बन की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जायेगी।
