Bareilly: शिकायतों पर चढ़ा डिप्टी सीएम का पारा, कई पर गिरेगी गाज, जनप्रतिनिधियों ने खोले शिकायतों के पुलिंदे

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक की तो जनप्रतिनिधि अफसरों के खिलाफ ''शिकायत बम'' फोड़ने में पीछे नहीं रहे। इसे देखे डिप्टी सीएम का पारा हाई हो गया और उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों की जमकर क्लास ली। कथित रूप से अवैध वसूली के आरोप में घिरे डिप्टी सीएमओ सीएमओ लईक अहमद और फरीदपुर एमओआईसी को तत्काल पद से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि वसूली का खेल कहीं भी नहीं चलने दिया जाएगा।

बैठक में जल जीवन मिशन से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेकर डिप्टी सीएम ने 121 गांवों के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। साफ कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए। दलाली किसी सूरत में नहीं चलने दी जाएगी। गेहूं खरीद में गड़बड़ृी, अवैध खनन और भू-माफियाओं को संरक्षण देने वाले अफसरों को चेतावनी दी कि कहीं भी शिकायत सच मिली तो जिम्मेदार बच नहीं पाएंगे। 

जनता की शिकायतों के निस्तारण को लेकर कहा कि तहसील और थाना स्तर पर जनसुनवाई इतनी मजबूत हो कि लोगों को लखनऊ न भागना पड़े। निर्माणाधीन हाईवे के कारण टूटने वाली ग्रामीण सड़कों को कार्यदायी संस्था से ही ठीक करवाने और चकमार्गों से अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रशासन को सख्त डेडलाइन भी उन्होंने दी। बैठक में एडीजी रमित शर्मा, मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी, डीआईजी अजय साहनी, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, सीडीओ देवयानी,नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, बीडीए वीसी मडिकंडन. ए, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम वित्त संतोष बहादुर सिंह, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह आदि मौजूद रहे।

स्मार्ट मीटर की शिकायतों पर बिजली अफसरों को फटकार
अघोषित बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतों पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने निगम के अफसरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने साफ कहा कि उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। पावर कारपोरेशन किसी पर इसके लिए दबाव न बनाए। बरेली में बढ़ती ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत सुधारने की हिदायत दी। कहा कि शादी-ब्याह के आयोजनों में बिजली और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और जनप्रतिनिधियों की ओर से भेजी गई जायज समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

निजी स्कूलों में अवैध वसूली की उच्च स्तरीय जांच होगी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने निजी स्कूलों की ओर से हर साल नया पाठ्यक्रम लागू करने और अभिभावकों पर कॉपी-किताबों का बोझ डालने के मुद्दे को गंभीरता से लिया। उन्होंने इसे कमाई का माध्यम बताते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की। डिप्टी सीएम ने जिला प्रशासन को तत्काल एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो यह जांच करेगी कि निजी स्कूलों द्वारा पाठ्यक्रमों में बार-बार बदलाव कहीं कमीशनखोरी का हिस्सा तो नहीं है। उन्होंने साफ किया कि शिक्षा के नाम पर व्यापार और मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी। यदि स्कूलों की कार्यप्रणाली में धांधली पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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